vishesh

ये हैं पाकिस्तान से निपटने के विकल्प


“मेरी सोच है कि पाकिस्तान हद से ज्यादा बढ़ गया है। उन्होंने फिर से हमारे जवानों के शरीर क्षत-विक्षत किए हैं। इन्हें बताया गया है कि ऐसा वह न करें। यह इंसानियत के खिलाफ है और कोई भी प्रोफेशनल फौज इस तरह की घटिया और घिनौनी हरकत नहीं करती। लेकिन ये लोग बाज नहीं आ रहे हैं अब हमारे पास कोई विकल्प नहीं है। अब हम इन पर जोर से और करारा वार करें। पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का वक्त आ गया है।” यह कहना है मेजर जनरल (रिटायर्ड) जीडी बख्शी का।





उक्त बातें मेजर जनरल बख्शी ने रक्षकन्यूज.कॉम की कंसल्टिंग एडिटर अंजू ग्रोवर से ख़ास बातचीत में कही। जब उनसे यह पूछा गया कि क्या आप सर्जिकल स्ट्राइक की तरफ इशारा कर रहे हैं या करगिल जैसी लड़ाई की तरफ तो उन्होंने कहा कि मामला सुलझाने के कई विकल्प हैं लेकिन यदि पाकिस्तान वार चाहता है तो उससे वार ही करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारे पास रॉकेट लांचर है, पिनाका है, ब्रम्होस जैसी मिसाइलें हैं, जरूरत पड़ने पर इनका इस्तेमाल कर सकते हैं।

बख्शी ने पाकिस्तान को सुधारने के लिए सुझाए ये उपाय

  • निंदा, भर्त्सना करना छोड़कर पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे सरकार।
  • रॉकेट लांचर है, पिनाका है, ब्रम्होस जैसी मिसाइल है जरूरत पड़ने पर इनका इस्तेमाल करें।
  • हवाई पावर का इस्तेमाल करके पाकिस्तान को भारी नुकसान पहुंचा सकता है भारत।
  • अपनी फौजी शक्ति का इस्तेमाल करे भारत, फौज को स्टेट पुलिस न बनाएं।
  • कश्मीर मसला शांतिपूर्वक सुलझाने में मिलिट्री फोर्स को भी एक विकल्प रखें।
  • कश्मीर मसले पर भारत खुद पाकिस्तान से डील करे, किसी तीसरे का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं।

पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जरूरत

पाकिस्तान के खिलाफ सरकार के ‘एक्शन प्लान’ से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि कार्रवाई ग्राउंड पर होनी चाहिए। हम निंदा करते हैं या कड़ी निंदा करते हैं, भर्त्सना करते हैं इन शब्दों का टाइम जा चुका है। भर्त्सना करते-करते हमारी जुबान थक गई हैं। अभी तक ग्राउंड पर कुछ नहीं हुआ। अब वक्त आ गया है कि हम पाकिस्तान पर करारा पलटवार करें।

कसाई बनने की जरूरत नहीं

जब उनसे भारतीय जवानों के बदले पाकिस्तानी सैनिकों के सिर काटने से जुड़ा सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, ‘सिर काटने के लिए मैं नहीं कह रहा कि आप उसके (पाकिस्तान) दर्जे पर आ जाएं और कसाई का काम करना शुरू कर दें। लेकिन मेरा मतलब यह है कि आपके पास तोपें हैं वह उनके कई लोग मार सकती हैं। हमारे पास कई पावर है जैसे कि हवाई पावर जिससे हम उन्हें भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं।’

फौजी ताकत का इस्तेमाल करे भारत

मेजर जनरल (रिटायर्ड) जीडी बख्शी ने आगे कहा कि आप देख सकते हैं कि बाकी देश अपनी सेना का इस्तेमाल कैसे कर रहे हैं। उदाहरण के तौर पर उन्होंने अमेरिका का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने अपनी मिसाइलों का इस्तेमाल किया। जब दूसरे देश अपनी फौजी ताकत का इस्तेमाल कर सकते हैं तो आप अपनी फौजी ताकत का इस्तेमाल करने से क्यों कतरा रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने लगा रखा है फौजियों पर अंकुश!

मेजर जनरल बख्शी ने सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश पर भी निराशा जताई जिसमें उसने फौजियों पर ‘अंकुश’ लगा रखा है। खासकर घाटी में पत्थरबाजों के खिलाफ की जाने वाली कार्रवाई पर। उन्होंने कहा कि आप (भारत सरकार) फौज को स्टेट पुलिस क्यों बना रहे हैं। पुलिस को राइफल पिस्टल मिली है लेकिन वह उसका इस्तेमाल नहीं कर सकती। वैसा ही फौजियों के साथ हो रहा है। उस पर सुप्रीम कोर्ट ने फौज पर पचास अंकुश लगाए हुए है ताकि वह लड़ न पाए।

सेना को मिले फ्री हैंड

सेना को फ्री हैंड दिए जाने से जुड़े सवाल पर मेजर जनरल जीडी बख्शी ने कहा, ‘बिल्कुल, सेना को फ्री हैंड देना चाहिए ताकि वह पाकिस्तान को करारा जवाब दे। अच्छी तरह से ठोक-पीटकर, भारी हथियारों का इस्तेमाल करके जानी-माली नुकसान पाकिस्तान को पहुंचाएं। ताकि पाकिस्तान को पता चले, उसे समझ आ जाए कि ऐसी हरकतों से अगर वह बाज नहीं आया तो उसे कीमत चुकानी पड़ेगी।’

कश्मीर मुद्दे पर नहीं चाहिए किसी का हस्तक्षेप

कश्मीर मुद्दे से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा, ‘हमने 1971 में पाकिस्तान से लड़कर उसके दो टुकड़े किए और कश्मीर इश्यू नहीं सुलझा। हमें भी तो अपनी रीढ़ की हड्डी दिखानी पड़ेगी न कि रीढ़ की हड्डी है या नहीं। अब तो हर कोई चौधरी बनना चाहता है। वहां से (अमेरिका से) डोनाल्ड ट्रम्प साहब ने कह दिया है कि वह मामले में हस्तक्षेप करेंगे। आज तुर्की के सुल्तान रजब तईब इरदुगान साहब बीच में कूद पड़े कि वो भी हमारे बीच में मध्यस्थता करेंगे। हमें नहीं चाहिए किसी की मध्यस्थता। हम पाकिस्तान के साथ खुद डील करें और शांतिपूर्वक मामला सुलझाने में मिलिट्री फोर्स भी एक विकल्प है।’

सेना के सबसे घातक हथियार जिसके नाम से कांपते हैं दुश्मन

आपको बता दें कि हाल में पुंछ जिले के केजी सेक्टर में दो भारतीय जवानों के शवों के साथ पाकिस्तान की बर्बरता किए जाने से पूरे देश में गुस्से का माहौल है। लोग भारत सरकार की भी आलोचना कर रहे हैं। हालांकि, भारतीय फौज ने जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के दो पोस्ट तबाह कर दिए और उसके सात सैनिकों को मार भी गिराया था। पाकिस्तान की बर्बरता का सेना के नायब सूबेदार परमजीत सिंह और बीएसएफ के हेड कांस्टेबल प्रेम सागर शिकार हुए थे।

Comments

Most Popular

To Top