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समर नीति: लड़ाकू विमान एफ- 16 की सच्चाई

पाकिस्तान के F 16 विमान का मलबा
फाइल फोटो

भारत द्वारा पाकिस्तान पर किये गए सर्जिकल हमलों यानी पाकिस्तानी सीमा के भीतर घुसकर किये गए हमलों को  पाकिस्तान क्यों हमेशा झुठलाने की कोशिश करता है। इस सवाल का जवाब इसमें है कि यदि उसने यह मान लिया कि भारत ने वाकई में पाकिस्तान के भीतर घुसकर हमला किया तो उसे अपनी जनता के बीच अपनी इज्जत बचाने के लिये उसी तरह जवाब भी देना होगा। पाकिस्तान को पता है कि भारत पाकिस्तानी जवाब का पुनः जवाबी हमला देने को  हमेशा तैयार है और उसे पता है कि आर्थिक बदहाली से जूझ रहा पाकिस्तान भारत से सैन्य मुठभेड़ लेने की जुर्रत नहीं कर सकता। पाकिस्तानी सेना अपनी जनता को यह भी नहीं बताने की शर्मिंदगी उठा सकती कि भारतीय सेना ने उसके इलाके में घुसकर मारा।





पिछला  जमीनी सर्जिकल हमला 29 सितम्बर, 2017 को हुआ था और दूसरा हवाई सर्जिकल हमला  इस साल 26 फरवरी को हुआ था। पहले सर्जिकल हमले से तो पाकिस्तान ने इनकार किया लेकिन यह भी स्वीकार किया था कि भारतीय थलसेना पाकिस्तानी इलाके में घुसी थी और उन्हें भारत के इलाके में खदेड़ दिया गया था। दूसरे सर्जिकल हमले की स्वीकारोक्ति और इसकी सार्वजनिक जानकारी पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता ने ही  26 फरवरी की सुबह अपने ट्वीट के जरिये दी थी और यह कहा था कि केवल कुछ पेड़ गिरे औऱ कुछ पक्षी ही मारे गए।

 लेकिन यदि ऐसा ही था तो क्यों पाकिस्तानी सेना ने अगले दिन 27 फरवरी को अपने एफ-16 लड़ाकू विमानों के बेड़े को जम्मू कश्मीर सीमा का उल्लंघन कर हमला के लिये भेजा। इस हमले में भले ही भारत का एक मिग- 21 विमान पाकिस्तानी सेना द्वारा मार गिराया गया और इसका पायलट अभिनंदन वर्धमान पाकिस्तानी सेना के कब्जे में आ गया लेकिन इसके साथ ही पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता और खुद पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने अपने बयान में कहा कि भारत के दो पायलट पकड़े गए हैं। एक जिंदा औऱ दूसरा घायल अवस्था में जिसे अस्पताल में भर्ती कर इलाज चल रहा है। पाकिस्तान ने तो एक पायलट विगं कमांडर अभिंनंदन वर्धमान को तो भारत को सौंप दिया लेकिन उस दूसरे पायलट का क्या हुआ। भारत ने अपने पहले पायलट के पाकिस्तान के भीतर चले जाने की बात तो मान ली लेकिन दूसरे पायलट पर बाद में मौन बरत लिया औऱ यदि पाकिस्तान यह कहता है कि दूसरा पायलट भारत का है तो उसे अपने देश में मीडिया के जरिये सार्वजनिक तौर पर पेश कर वाहवाही क्यों नहीं लूटता।

साफ है कि यही दूसरा पायलट पाकिस्तानी एफ-16 विमान का पायलट था जिसके बारे में पाकिस्तानी सेना और सरकार अब पूरी तरह मौन बरती हुई है।  इस घायल पायलट को लेकर  पाकिस्तान  की  सेना शर्मिंदा है और वह यह बताने को तैयार नहीं हो सकती कि उसका एक पायलट भारतीय मिग-21 विमान के पायलट विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान ने ही मार गिराया था।  इसके रेडार सिग्नेचर भारतीय वायुसेना ने अपनी प्रेस ब्रीफिंग में पेश कर दुनिया को यह बता दिया है  लेकिन पाकिस्तानी सेना इसे कैसे स्वीकार कर लेगी कि वाकई में उसका एक पायलट मारा गया और एक एफ-16 विमान मार गिराया गया।

पाकिस्तानी  सेना के बयानों को एक अमेरिकी पत्रिका की रिपोर्ट से बल मिला कि पाकिस्तान के सभी एफ-16 विमानों की अमेरिकी सैनिक अधिकारियों ने गिनती कर ली है औऱ एक भी गायब नहीं पाया गया। लेकिन बाद में अमेरिकी रक्षा मुख्यालय पेंटागन ने इस रिपोर्ट की सत्यता की पुष्टि करने से इनकार कर दिया लेकिन अमेरिकी सेना सार्वजनिक तौर पर यह बताने को भी तैयार नहीं कि भारतीय मिग-21 विमान  ने अमेरिकी एफ-16 जैसे नामी विमान को मार गिराया । इससे अमेरिकी विमान की इज्जत पर बट्टा लगेगा। पाकिस्तान अपने एफ-16 विमान को गिरा हुआ दिखाकर अपनी सेना का मनोबल कैसे गिरा सकता  है।

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