vishesh

समर नीति: अंडमान की सामरिक अहमियत

अंडमान निकोबार द्वीप पर अभ्यास करती नौसेना
फाइल फोटो (सौजन्य- गूगल)

हिन्द महासागर में चीन की बढ़ती रुचि और सैन्य गतिविधियों पर भारत के सामरिक हलकों की गहरी नजर रही है और भारत सरकार भी पिछले कई साल से वहां सैन्य सुविधाएं विकसित करने में जुटी है लेकिन यह तैयारी काफी धीमी चल रही थी। ऐसा लगता है कि अंडमान की सामरिक अहमियत के मद्देनजर सरकार अब गंभीर हो गयी है। हाल में जिस तरह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने अंडमान निकोबार के द्वीपों पर भारत की सैन्य सुविधाओं का मुआयना किया है इससे लगता है कि हिन्द महासागर में भारत अब चीन की चुनौतियों का मुकाबला करने को न केवल बेहतर तैयार हो कर चीन को संदेश देना चाहती है कि वह भारत के आंगन में फालतू की तांकझांक नहीं करे।





इस इरादे से अंडमान निकोबार के द्वीपों पर भारतीय वायु सेना के लड़ाकू और समुद्री टोही  विमानों को उतारने और वहां से उड़ान भरकर सम्पूर्ण हिंद महासागर पर प्रतिरोधक और आक्रामक भूमिका में पेश होने के लिए अंडमान के द्वीपों पर अधिक लंबाई वाली हवाई पट्टी बनाने की योजना को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही नौसेना के बड़े युद्धक पोतों के ठहरने और वहां से समुद्री अभियान पर निकलने की सुविधा भी विकसित करने की बड़ी योजना को मंजूरी दी गई है। इन सब पर सरकार ने पांच हज़ार करोड़ रुपये से अधिक के खर्च की योजना को मंजूरी दी है।

मुद्दा यह है कि चीन यदि हजारों मील दूर से अपने युद्धपोत और पनडुब्बियों को हिन्द महासागर में भेज कर दूसरे देशों को डरा सकता है तो भारत अपने ही सागरीय इलाके में अपने सामरिक हितों की रक्षा के लिए अपनी सैन्य तैनाती को क्यों नहीं बढ़ा सकता है। वास्तव में हिन्द महासागर के दोनों ओर एशिया और अफ्रिका है जहां अपनी प्रभुत्वकारी मौजूदगी बनाने के लिए के लिए सैशेल्स, मालदीव , मैडागास्कर, मॉरिशस, श्रीलंका जैसे द्वीपों पर नौसैनिक सुविधाएं हासिल करने की जीतोड़ कोशिश कर रहा है बल्कि पाकिस्तान, म्यांमार, बांग्लादेश जैसे समुद्र तटीय देशों पर भी नौसैनिक सुविधाएं हासिल करने के लिए उन देशों की सरकारों को ढांचागत विकास का लालच देकर उन्हें कर्ज के जाल में फंसा रहा हैl

हाल में चीन की इस रणनीति को काटने के लिए भारत ने भी कई सामरिक कदम उठाए हैं और इसी के तहत सरकार ने अंडमान निकोबार द्वीप पर अब अधिक आधुनिक सैन्य सुविधा खड़ी करने की योजना पर अमल शुरू कर दिया है। हिन्द महासागर में अपने सामरिक हितों को बचाने के लिए यह जरूरी था।

Comments

Most Popular

To Top