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समर नीति: अल कायदा जिंदा है, उसे हलके में न लें

अल जवाहिरी
फाइल फोटो

अल कायदा के सरगना ऐमन अल जवाहिरी ने भारतीय सेना पर हमले जारी रखने और जम्मू-कश्मीर को न भूलने और वहां जेहाद जारी रखने का चेतावनी भरा डरावना बयान एक वीडियो जारी कर यह दिखाया है कि अल-कायदा एक संगठन के तौर पर मृतप्राय नहीं हुआ है और वह भारत सहित विश्व समुदाय को आतंकित करने के लिये नई साजिशें रच रहा है। हालांकि भारतीय विदेश मंत्रालय ने अल जवाहिरी के बयान को तवज्जो नहीं देने की बात की है लेकिन सच्चाई यह है कि अल कायदा को हमें तब तक गम्भीरता से लेना होगा जब तक कि उसे पाकिस्तान जैसे देशों का अप्रत्यक्ष और चोरी छिपे समर्थन जारी रहेगा।





अंतरराष्ट्रीय खुफिया एजेंसियों की रिपोर्टें हैं कि अल कायदा का सरगना अल जवाहिरी पाकिस्तान में ही उसी तरह छिपा हुआ है जैसे कि अल कायदा का संस्थापक ओसामा बिन लादेन छिपा था और पाकिस्तन की सरकार औऱ सेना उसे संरक्षण दे रही थी। ओसामा बिन लादेन को मई, 2011 में अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए ने खोज निकाला और हवाई हमला कर उसे अपने कब्जे में कर उसकी लाश को अरब सागर में फेंक दिया था। ओसामा के मारे जाने के बाद अल जवाहिरी हालांकि अल कायदा की कमान सम्भाल रहा है लेकिन इस आशय की रिपोर्टें है कि ओसामा बिन लादेन का एक बेटा अल कायदा की कमान सम्भालने की तैयारी कर रहा है औऱ इसके लिये प्रशिक्षित हो रहा है। अल कायदा की कमान फिलहाल ऐमन अल जवाहिरी के हाथों में ही रहेंगी।

अल जवाहिरी के बारे में यदि ये रिपोर्टें सही हैं कि वह भी ओसामा बिन लादेन और असके बेटे की तरह पाकिस्तान में ही छिपा हुआ है तो अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इसे गम्भीरता से लेना चाहिये। अमेरिका और इसके साथी देश इस गलतफहमी में न रहें कि उसने आतंकवाद से अपने को पूरी तरह सुरक्षित कर लिया है। अल कायदा निश्चित तौर पर अपने को पुनर्गठित कर रहा है और वह पाकिस्तान में सुरक्षित पनाह में एक बड़े हमले की तैयारी कर रहा होगा। आखिरकार ओसामा बिन लादेन ने भी 9-11 के न्यूयार्क और वाशिंगटन पर हमले की साजिश पाकिस्तान में ही रची थी और पाकिस्तान के खुफिया तंत्र को भी इसकी पूरी जानकारी थी। इसी तरह अल जवाहिरी और ओसामा का बेटा अल हमजा भी अपने को नए हमलों के लिये तैयार कर रहा है। अल जवाहिरी के ताजा वीडियो से यह साबित होता है कि उसके लोग न केवल जम्मू-कश्मीर बल्कि दुनिया के कई अन्य देशों में सक्रिय हैं और वे चुपचाप किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने की ताक में हैं।

चूंकि अल जवाहिरी ने अपने वीडियों में पहली बार सीधा भारतीय सेना और कश्मीर का नाम लिया है इसलिये भारतीय सुरक्षा बलों को इनसे मुकाबला करने के लिये नई रणनीति से काम करना होगा। सामरिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि चूंकि भारत में केन्द्र में मोदी सरकार की आतंकवाद के खिलाफ सख्त नीति से आतंकवादी तत्व हताश होने लगे हैं इसलिये इनमें नई जान फूंकने के लिये ही अल जवाहिरी ने ताजा वीडियो जारी किया है। इस ताजा वीडियो के जारी होने के बाद दुनिया की अग्रणी खुफिया एजेंसियों के सामने एक नई चुनौती पैदा हुई है। य़ह उनकी काबीलियत को सिद्ध करने की भी एक चुनौती है कि उसे खोज निकालें। वास्तव में यह चुनौती सबसे अधिक अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के सामने आई है कि वे यह पता लगाएं कि अल जवाहिरी दुनिया के किस कोने में छिपा है जहां से वह वीडियो संदेश देने में कामयाब हो रहा है। ऐसा तभी हो सकता है जब उसे किसी देश का सरकारी संरक्षण हासिल हो। ठीक वैसे ही जैसे ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान के सरकारी संरक्षण में पाकिस्तानी सेना की अबोटाबाद में छावनी के निकट ही एक बड़े किलानुमा घर में रह रहा था।

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