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सात खिलाड़ियों से कैसे जीतेंगे जंग ?

रंजीत-कुमार (वरिष्ठ पत्रकार)

रंजीत कुमार (वरिष्ठ पत्रकार)

भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच होने वाला हो और भारतीय टीम में 11 के बदले सात खिलाड़ी ही खेल रहे हों तो क्या भारत यह मुकाबला जीत सकेगा ? भारत के खिलाफ अकेला पाकिस्तान ही नहीं बल्कि चीन भी अपने कड़े तेवर दिखाता रहता है। और यदि दोनों देशों को भारत के खिलाफ एक साथ मैदान पर उतार दिया गया तो क्या होगा? भारत की सैन्य तैयारी की तुलना कुछ इसी तरह वायुसेनाध्यक्ष एयर चीफ मार्शल धनोआ ने की है। हालांकि कुछ दिनों पहले थलसेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत ने डींगें हांकते हुए कहा था कि वह चीन और पाकिस्तान के खिलाफ दोनों मोर्चों पर तो निबट ही सकेंगे आतंकवादियों द्वारा भी इसी वक्त भारतीय सेना के खिलाफ हमला बोल दिया गया तो वह कुल मिलाकर अढ़ाई मोर्चों पर एक साथ पूरी कामयाबी से मुकाबला कर सकेंगे। इन दोनों में कौन सही है?





क्या भारतीय सेनाएं इस काबिल हैं कि पाकिस्तान और चीन द्वारा एक साथ दोनों मोर्चों पर किये गए हमलों को झेल सके? जमीनी हालात की सच्चाई कुछ और है। आधुनिक तकनीक के दौर में किसी भी युद्ध में हवाई ताकत की अहम भूमिका होगी लेकिन भारतीय वायुसेना को इसके लिये सक्षम नहीं बनाया जा सका है।

लम्बे अर्से से भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों के स्क्वाड्रन की संख्या घटकर 32-33 पर सिमट गई है जबकि इनके 45 स्क्वाड्रन होने चाहिये। भारतीय वायुसेना के मिग वर्ग के मिग-21 और मिग-27 लडाकू विमान कुछ सालों में ही रिटायर करने लगेंगे और जल्द इनका विकल्प नहीं खोजा गया तो स्क्वाड्रनों की संख्या और घटती जाएगी। वायुसेना को 126 लड़ाकू विमान मुहैया कराने की औपचारिक कोशिशें 2007 में ही शुरु हो चुकी थीं लेकिन एक दशक बाद एक भी लड़ाकू विमान वायुसेना को नहीं मिला है। हालांकि इनमें से 36 राफेल विमान फ्रांस से आयात करने का सौदा हो चुका है जो दो साल बाद से मिलने लगेंगे लेकिन भारतीय वायुसेना को फौरी तौर पर लड़ाकू विमानों की क्षमता और बढ़ाने की जरूरत है ताकि पाकिस्तान और चीन की सेनाओं में यह डर पैदा किया जा सके कि वह भारत को बंदरघुड़कियां देने से बाज आए।

हालांकि कई सौ परमाणु हथिारों से लैस चीन भारत के खिलाफ भड़काने वाले बयान नहीं देता रहता है और दोनों देशों की 4,000 किलोमीटर लम्बी सीमाओं पर पिछले करीब चार  दशकों से एक भी गोली नहीं चली है लेकिन पाकिस्तान के सैन्य और राजनेता तो अक्सर भारत को परमाणु बमों से  खत्म करने की ही धमकियां देते रहते हैं। पाकिस्तान की इन बंदरघुड़कियों का मुंहजवानी जवाब  तो भारत दे देता है लेकिन यदि पाकिस्तान के किसी सनकी सैन्य जनरल ने नियंत्रण रेखा पर निरंतर चल रही गोलीबारी का स्तर इतना ऊंचा कर दिया कि भारत को और बड़ा जवाबी हमला करना पड़े और दोनों देशों की सेनाएं एक दूसरे पर ताबड़तोड़ हवाई हमले करने लगें तो और इसके साथ भारत को डराने के लिये चीन भी धौंस दिखाने लगे तो  32 स्क्वाड्रनों वाली भारतीय वायुसेना कैसे इनका मुकाबला कर सकेगी? 45 स्क्वाड्रन में से केवल 32 से लैस भारतीय वायुसेना के प्रमुख का कहने का तात्पर्य यही है कि उनकी टीम में 11 नहीं सात खिलाड़ी ही खेल रहे हैं।

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