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IPS अफसर चारू निगम ने फेसबुक पर क्यों लिखा, मेरे आंसू मेरी कमजोरी नहीं !

गोरखपुर: यूपी के मुख्यमंत्री के संसदीय क्षेत्र में महिला आईपीएस अधिकारी चारू निगम को उनकी ही पार्टी के विधायक ने इस कदर फटकार लगाई कि वह रो पड़ी। इस घटना की वीडियो वायरल हो गया है। चारू एंटी रोमियो स्क्वायड की प्रभारी भी हैं और स्थानीय मीडिया उन्हें लेडी सिंघम कहता है। बाद में उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर चार लाइन की एक कविता के साथ एक भावुक पोस्ट लिखा। जिसमें उन्होंने खुला लिखा कि, “मेरी ट्रेनिंग मुझे कमजोर बनना नहीं सिखाया है। मुझे उम्मीद नहीं थी कि मेरे SP सिटी गणेश साहा सर तर्कहीन बहस को अस्वीकार कर देंगे और मेरी चोट के बारे में बात करेंगे। सर के आने से पहले, मैं वहाँ सबसे सीनियर पुलिस अधिकारी थी, लेकिन जब सर आए और पुलिस फ़ोर्स के साथ खड़े हुए तो मैं भावुक हो गई।”





चारू निगम

आईपीएस चारू निगम आंसू पोछती हुई

घटना जिले के करीमनगर की है, जहां कुछ लोग शराब की दुकानों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें वहां से हटा दिया था। इसके बाद स्थानीय विधायक राधा मोहन दास अग्रवाल मौके पर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने उनसे शिकायत की कि सर्किल आफिसर चारू निगम ने उन्हें जबरन वहां से हटाया है। उनका आरोप था कि उन्होंने एक महिला को पीटा और 80 साल के एक वृद्ध को घसीटा। इस पर विधायक ने महिला पुलिस अधिकारी से पूछा कि आपने एक्शन क्यों लिया जबकि राज्य सरकार का आदेश है कि घनी आबादी वाले रिहायशी इलाकों में शराब की दुकानें नहीं चलेंगी।

कहा-सुनी के बीच आईपीएस अधिकारी चारू ने रूमाल निकाली और अपने आंसू पोंछने लगी। यह तस्वीर और वीडियो न्यूज चैनलों ने कैमरे में कैद किया। बाद में चारू ने आरोप लगाया कि विधायक ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया और उन्हें अपमानित किया। आईपीएस अधिकारी चारू निगम ने अपना दुख अपने फेसबुक पेज पर लिखा साथ ही उन्होंने लिखा कि मीडिया ने इस घटना पर स्टैंड लिया क्योंकि उन्होंने दोनों ही घटनाएं देखी थीं और ये गोरखपुर में मीडिया की सकारात्मकता दिखाता है. मैं उन लोगों का धन्यवाद करती हूं कि जिन्होंने सच दिखाया।

सुश्री चारू ने कहा, ‘विधायक ने मेरे साथ दुर्व्यवहार किया और यह भूल गए कि वह एक महिला अधिकारी के साथ बात कर रहे हैं।’ तस्वीरों में आंसू पोंछते दिखाए जाने के बाद उन्होंने कहा कि मैं रोई नहीं बल्कि जब वरिष्ठ अधिकारी ने मेरा समर्थन किया तो मैं भावुक हो उठी थी। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारी सड़क से इसलिए हटाए गए क्योंकि यातायात बाधित हो रहा था। विधायक जब तक वहां पहुंचे, सड़क प्रदर्शनकारियों से खाली हो गई थी। शायद इसी वजह से वह नाराज हो गए क्योंकि वह (MLA) प्रदर्शनकारियों से कह चुके थे कि मेरे आने तक वहीं रुके।

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