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इतनी देर क्यूं लगी गायत्री प्रजापति की गिरफ्तारी में?

लखनऊ। अभी यूपी में सिर्फ चुनाव नतीजे ही सामने आए हैं, नई सरकार तो अस्तित्व में नहीं आई है और सरकारी मशीनरी अलर्ट मोड में आ गई है। गैंगरेप के आरोपी यूपी के पूर्व खनन मंत्री गायत्री प्रजापति को जो यूपी पुलिस 25 दिन से नहीं ढूँढ़ पा रही थी उन्हें चंद घंटे के भीतर गिरफ्तार करके सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। आमतौर पर यूपी में अभी तक ये देखा गया है कि सत्ताधारी पार्टी के अदना से नेता पर भी जो पुलिस हाथ डालने की हिम्मत नहीं कर पाती थी, उसने पूर्व मंत्री पर शिकंजा कसने के लिए उनके बेटे और भतीजे को भी उठा लिया। बस फिर क्या था उसके कुछ घंटे के भीतर गायत्री प्रजापति भी पुलिस को मिल गए। गायत्री की ताकत का अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि उन्हें सरकार के मुखिया अखिलेश यादव ने मंत्री पद से बर्खास्त कर दिया था लेकिन मुलायम सिंह यादव ने फिर से बहाल करवा दिया था। गिरफ्तारी के बाद गायत्री ने कहा कि मेरा और पीड़ित महिला का नारको टेस्ट करवाया जाए।





मामले में कब क्या हुआ

  • एक महिला से सामूहिक बलात्कार और उसकी बेटी से छेड़खानी के आरोप में उच्चतम न्यायालय के गत 17 फरवरी के निर्देश पर मुकदमा दर्ज किया गया था।
  • पीड़िता ने आरोप लगाया था कि गायत्री के सरकारी आवास पर उन्हें नशीला पदार्थ चाय में पिलाकर बेहोश कर दिया गया था। इसके बाद उसके साथ दुष्कर्म किया गया था।
  • गौतमपल्ली थाने में गायत्री समेत उनके सात साथियों के खिलाफ दुष्कर्म, दुष्कर्म के प्रयास, पॉक्सो एक्ट समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था।
  • 27 फरवरी से ही गायत्री प्रजापति फरार चल रहे थे। पुलिस उनकी तलाश कर रही थी, लेकिन वह हाथ नहीं आ रहे थे।
  • प्रजापति को अरेस्ट करने के लिए पुलिस ने अपनी 6 टीमों को लगाया था। UP पुलिस के DIG जावीद अहमद ने बताया कि प्रजापति लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे।
  • प्रजापति के विदेश भागने की आशंका के मद्देनजर उनके पासपोर्ट को चार हफ्तों के लिए निलंबित कर दिया गया था और उनके खिलाफ ‘लुक आउट’ नोटिस जारी किया गया था।
  • पुलिस ने 14 मार्च को प्रजापति के बेटे अनुराग और भतीजे सुरेन्द्र को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। दोनों पर आरोपियों को शरण देने का आरोप लगाया गया है।
  • प्रजापति के साथ आरोपी बनाए गए अमरेन्द्र उर्फ पिंटू, रूपेश्वर तथा विकास वर्मा को लखनऊ के हजरतगंज इलाके में गिरफ्तार किया गया।
  • आरोपी अशोक तिवारी, आशीष शुक्ला, प्रजापति के गनर चंद्रपाल 14 मार्च को गिरफ्तार किये गए।
  • 15 मार्च को गायत्री प्रजापति को आशियाना इलाके से पकड़ा गया और पुलिस ने उनसे आलमबाग कोतवाली में पूछताछ की।
  • पुलिस ने उन्हें कोर्ट में पेश किया जहां से उन्हें 14 दिनों के न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

पुलिस ने इस मामले में जो भी साक्ष्य जुटाया गया हैं उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। जिसके आधार पर आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाने व पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाएगा।-दलजीत चौधरी (एडीजी लॉ एण्ड आर्डर) 

अपनी साख बचाने के लिए पुलिस ने कार्रवाई की: पीड़ित

पीड़ित परिवार ने बताया कि जिस वक्त सर्वोच्च न्यायलय ने आरोपी गायत्री की गिरफ्तारी के आदेश दिए थे। तो वहीं वह अपने क्षेत्र अमेठी में जनसभा करता रहा और पुलिस उसे गिरफ्तार तक नही कर सकी थी। सरकार बदलते ही अपनी साख बचाने के लिए राजधानी पुलिस ने यह कार्यवाही की हैं। जबकि मेरे व बेटी के 164 के तहत बयान देने के बाद अब पुलिस साक्ष्यों के आधार पर जांच की बात कह रही हैं, जब तक उसे न्याय नहीं मिलेगा वह सुप्रीम कोर्ट के चौखट पर न्याय की गुहार लगाती रहेगी।

 

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