Police

जूलियो रिबेरो जब 32 साल बाद पहुंचे पुराने आफिस तब…

मुम्बई पुलिस

मुंबई। संगठित अपराध और दंगा-फसाद से निबटने में माहिर जूलियो रिबेरो (Julio Ribeiro) जब हाल में उसी दफ्तर में पहुंचे जहां के वह तीन साल तक बॉस रहे तो वर्तमान बॉस ने उनका पूरे सम्मान के साथ स्वागत किया। बात मुंबई के पुलिस कमिश्नर के दफ्तर की हो रही है। 1986 और 1991 में दो बार जानलेवा हमला झेल चुके रिबेरो 88 साल की उम्र में आज भी स्मार्ट दिखते हैं। पुलिस कमिश्नर दत्तात्रेय पडसलगीकर ने उनका स्वागत और आवभगत की। उनसे बातचीत की और उनके अनुभव सुने।





1953 बैच के आईपीएस अधिकारी रिबेरो 1982 से 1985 तक मुंबई पुलिस के कमिश्नर रहे। इसके बाद उन्हें प्रोन्नति देकर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) का महानिदेशक और फिर गुजरात पुलिस का महानिदेशक बनाया गया। पंजाब में आतंकवाद के बुरे दौर में वह पुलिस महानिदेशक रहे तो ‘बुलेट फार बुलेट’ की नीति अपनाई लेकिन हालात सुधरे नहीं। वह बाद में पंजाब सरकार के सलाहकार भी रहे। उन्होंने 1989 से 1993 तक रोमानिया में भारतीय राजदूत के रूप में सेवा की।

मुम्बई पुलिस

मुम्बई पुलिस आयुक्त जूलियो रिबेरो से बात करते हुए

उनके ऊपर दो बार जानलेवा हमले हुए। अक्टूबर 1986 की सुबह जलंधर पुलिस मुख्यालय पर पुलिस वर्दी में आए सिख आतंकवादियों ने रिबेरो पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं। एक गार्ड मारा गया। रिबेरो, उनकी पत्नी और पुलिस व अर्द्धसैनिक बल के चार अधिकारी घायल हो गए। रिबेरो का जख्म हल्का था लेकिन उनकी पत्नी को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। सभी छह हमलावर पहले से तैयार एक ट्रक में फरार हो गए। बाद में इस हमले की जिम्मेदारी खालिस्तान कमांडो फोर्स (KCF) ने ली थी। कहा जाता है कि KCF नेता भीम सिंह हमलावरों का नेतृत्व कर रहा था।

रिबेरो पर दूसरा कातिलाना हमला अस्त 1991 में तब हुआ जब वह रोमानिया में राजदूत थे। तब भी बुखारेस्ट में सिख बंदूधारियों ने उन पर हमला किया था। जूलियो रिबेरो की पत्नी का नाम मेल्बा है और उनकी दो बेटियां नीना और अन्ना मुंबई में रहती हैं।

Comments

Most Popular

To Top