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… जब आईपीएस सर्विस मीट में थाना के मंचन पर DGP भड़के

भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में चल रहे आईपीएस सर्विस मीट 2017 के पहले दिन दिखाए गए एक नाटक ने विवाद पैदा कर दिया है। नाटक के कई दृश्यों में पुलिस की खराब छवि प्रस्तुत की गई जिसमें रिश्वतखोरी से लेकर एक कांस्टेबल के आईपीएस को ट्रेनिंग देने तक के दृश्य थे। नाटक के कई दृश्यों को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और डीजीपी ऋषि कुमार शुक्ला ने नाराजगी जताई और नाटक का मंचन बीच में ही रुकवा दिया।





पुलिस ऑफिसर्स मेस में हुई इस आईपीएस सर्विस मीट 2017 में भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और इंदौर जोन में पदस्थ आईपीएस और उनकी फैमिली ने रॉकिंग डांस और ड्रामा की परफॉर्मेंस भी दी। इस बीच नाटक थाना लापतागंज का मंचन किया गया। जिसमें पुलिस के खिलाफ कई सीन थे।

ऐसे दृश्य दिखाए गए नाटक में

  • नाटक में एफआईआर दर्ज कराने के बदले एक पुलिस अफसर को रिश्वत लेता दिखाया जा रहा था।
  • थाना लापतागंज में तैनात तीन पुलिसकर्मी ड्यूटी करने के बजाय नाचते-गाते और मस्ती में मशगूल थे।
  • हैरान-परेशान सा शख्स थाने में एफआईआर दर्ज कराने पहुंचता है और उससे एफआईआर लिखने के बदले रिश्वत की डिमांड की गई।
  • यह भी दिखाया गया था कि जब नए आईपीएस अफसर ट्रेनिंग के लिए थाने में आते हैं, तो क्या-क्या होता है।
  • एक आईपीएस अधिकारी को जो ट्रेनिंग थाना प्रभारी से मिलनी चाहिए, वह एक हेड कांस्टेबल देता दिखाया गया।

फरियादी को थाने से भगाने वाले दृश्य पर भड़के डीजीपी

नाटक में जैसे ही रिपोर्ट नहीं लिखने और फरियादी को थाने से भगाने का दृश्य आया, तो सीएम शिवराज और डीजीपी ऋषि कुमार शुक्ला असहज हो गए। दोनों ने आपस में बात की और फिर डीजीपी ने भी आईपीएस एसोसिएशन के अध्यक्ष पवन जैन के सामने अपनी नाराजगी जाहिर की और नाटक बीच में ही रोकने के निर्देश दिए।

हालांकि यह नाटक पूर्ण रूप से काल्पनिक था और इसका मंचन सिर्फ हंसी मजाक के लिए ही किया जा रहा था लेकिन, जो सच्चाई उसमें दिखाई जा रही थी उसका सीधा संबंध आम जनता से था, जो कि सीएम शिवराज सिंह को नागवार गुजरा। सीएम के अनुसार इस तरह के नाटक समाज में पुलिसकर्मियों की छवि को धूमिल करते हैं।

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