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‘लेडी सिंघम’ : मुजरिम ही नहीं नेता भी कांपते हैं इनके नाम से !

आईपीएस-मंजिल-सैनी

उत्तर प्रदेश की ‘सुपर कॉप’ और ‘लेडी सिंघम’ जैसे नामों से विख्यात मंजिल सैनी की गिनती देश की उन जानी-मानी महिला अधिकारियों में होती है जो पुलिस में भर्ती होने वाली युवतियों की प्रेरणास्रोत हैं। किडनी रैकेट के पर्दाफाश से लेकर छेड़छाड़ करने वाले मनचलों की धरपकड़ और सियासी दबाव के बावजूद, सत्तावान नेताओं के खासमखास दरोगाओं के खिलाफ कार्रवाई जैसे अपने कदमों से मंजिल सैनी ने पुलिस जगत में अपनी धाक जमाई।





योगी ने बदले 54 आईपीएस, PAC में क्यों भेजी गईं मंजिल 

बेखौफ अंदाज से काम करने वाली IPS

आईपीएस अफसर मंजिल

एक बार एक लड़की के साथ स्कूटर पर बैठ गश्त पर निकल पड़ीं थीं मंजिल सैनी

अचानक एक लड़की के साथ स्कूटर पर बैठ गश्त पर निकल जाने जैसे और भी कई किस्से उनके पुलिसिंग स्टाइल का हिस्सा बनते रहे हैं। जींस और कुर्ती पहने किसी कॉलेज छात्रा की तरह अचानक थाने में जा धमकना….और भी ऐसा बहुत कुछ है उनके स्टाइल में जो उन्हें और अधिकारियों से अलग बनाता है। बेखौफ अंदाज से काम करने वाली मंजिल का निजी जीवन भी दिलचस्प है।

…जब वहां से निकलीं तो गोल्ड मेडल लेकर

दिल्ली में 9 सितंबर 1975 को जन्मी मंजिल मेधावी छात्रा रही हैं। दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रतिष्ठित सेंट स्टीफंस कॉलेज से विज्ञान में स्नातक करने के लिए दाखिला लिया लेकिन… अचानक विषय की दिलचस्पी बदल गई। सेंट स्टीफंस छोड़ दिया और दिल्ली कॉलेज ऑफ इकानोमिक्स दाखिला लिया। …और जब वहां से निकलीं तो गोल्ड मेडल लेकर। अब कॉर्पोरेट दुनिया की राह पकड़ी लेकिन एक प्राइवेट कम्पनी में तीन साल नौकरी करने के बाद फिर से नया रास्ता पकड़ा। ये रास्ता उन्हें खाकी की तरफ ले आया। खेलों के साथ नृत्य कला में भी दिलचस्पी रखने वाली मंजिला ने नौकरी छोड़ दी और सिविल सेवा की तैयारी में जुट गईं। पहली बार में ही UPSC की परीक्षा पास की 2005 में।

किडनी रैकेट का किया पर्दाफाश

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में पहली तैनाती एएसपी के ओहदे पर रही और दो साल बाद वह अचानक सुर्खियों में आ गईं।बड़े से बड़े पुलिस अफसर की जबान पर उनका नाम था। एक मजदूर ने जब अपनी किडनी गायब करने के इल्जाम वाली शिकायत उन्हें दी तो मंजिल की जांच इतनी तेज हुई कि मेरठ और नोएडा के अस्पतालों पर ताबड़तोड़ छापे पड़े। …और फिर उजागर हुआ एक बड़ा किडनी रैकेट। रैकेट के सरगना उपेन्द्र और डॉ. अमित कुमार की गिरफ्तारी हुई। इनके शिकार होने से कई मजलूमों की जान बच गई। माना तो ये भी जाता है कि मुजफ्फरनगर में इतना दंगा न भड़कता अगर मंजिल सैनी वहां तैनात रहती।

मंजिल सैनी

मंजिल सैनी पति और बच्चों के साथ पुष्कर में (फाइल फोटो)

मंजिल ऐसी पहली महिला पुलिस अधिकारी हैं जो विवाह के पश्चात UPSC परीक्षा पास करके आईपीएस अफसर बनीं। साल 2000 में उन्होंने बिजनेसमैन जसपाल दहल से प्रेम-विवाह किया जो उनके साथ दिल्ली कॉलेज ऑफ इकानोमिक्स में पढ़ते थे। उनके एक बेटा और एक बेटी है।

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