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ये इंस्पेक्टर रिवाल्वर के साथ लेकर चलता है पौधे

अलपुझा: केरल के अलपुझा जिले में तैनात एक पुलिस इंस्पेक्टर को पेड़ लगाने का इतना शौक है कि वह अब तक एक लाख से ज्यादा पेड़ लगा चुके हैं। इनमें आम, बेर, कटहल के पेड़ शामिल हैं। इनका नाम है वी. विद्याधरन। वह बताते हैं कि जब वह शुरू-शुरू में पेड़ लगाते थे तो लोग उन पर हंसते थे पर अब लोग उनके नक्शे-कदम पर चल रहे हैं। उन्हें इतनी संख्या में पेड़ लगाने के लिए छह साल पहले विश्व पृथ्वी दिवस पर अवार्ड भी दिया जा चुका है। वह पौधों को लगाने का काम पिछले 40 साल से कर रहे हैं।





वी विद्याधरन ने अधिकांश पेड़ सड़कों के किनारे और वहाँ लगाए हैं जहां पर लोग घूमने जाते हैं। वह कहते हैं कि जब लोग मेरे लगाए पेड़ों की छाया में रुकते हैं और बच्चे उनमें लगे फलों को तोड़कर खाते हैं तो मुझे लगता है कि मेरे काम का फल मुझे मिल गया। वह कहते हैं कि एक साधारण पौधा भी जिंदगी देता है और लोग पेड़ों में भगवान को महसूस कर सकते हैं। जब उनसे पूछा गया कि अब तक आपने कितने पेड़ लगाए हैं तो उन्होंने जवाब दिया कि वह पेड़ों की काउंटिंग भूल गए हैं लेकिन अब तक एक लाख से भी ज्यादा पेड़ लगा चुके हैं।

इंस्पेक्टर वी विद्याधरन एक लाख से ज्यादा पौधे लगा चुके हैं

विद्याधरन कहते हैं कि जब आप पेड़ों की छांव में आते हैं तो पेड़ आपको सुखद अहसास देते हैं। कई प्रयोगों से पता चला है पेड़ों की छांव में रहने से हाई ब्लड प्रेशर जैसी बड़ी बीमारी से राहत मिलती है। हमारे बहुत सारे गुरुओं जैसे गौतम बुद्ध को पेड़ के नीचे ही ज्ञान मिला था। वह कहते हैं कि मुझे पेड़ लगाना अच्छा लगता है और पेड़ों के बिना मानव जीवन संभव ही नहीं है।

पानी के लिए करनी पड़ती है मशक्कत

इंस्पेक्टर विद्याधरन बताते हैं कि एक पौधे के स्वस्थ विकास के लिए उसके रोपण से बीस दिनों तक देखभाल करने की आवश्यकता होती है। केरल सूखे से प्रभावित राज्य है मुझे पौधों को पानी देने के लिए दूर-दूर से पानी लाना पड़ता हैं। लोग मेरी मदद भी करते हैं। कुछ किसान मुझे मवेशियों के गोबर आदि फ्री में देते हैं ताकि वह जैविक खाद का काम करे और पेड़ जल्द विकसित हो।

अक्सर पुलिस इंस्पेक्टर अथवा अधिकारी सर्विस रिवाल्वर और बैटन लेकर चलते हैं लेकिन विद्याधरन पौधे और फावड़ा भी लेकर चलते हैं। उन्होंने जब अपनी बेटी की शादी की थी तब बारातियों को उपहार में 20 हजार पौधे दिए थे और उनसे पौधे लगाने की अपील की थी।

वी विद्याधरन को वृक्षारोपण के लिए सम्मानित भी किया गया था

इंस्पेक्टर विद्याधरन को जब भी वक्त मिलता है वह पौधे लगाने का काम शुरू कर देते हैं। वह अक्सर दूर-दूर तक पौधा लगाने के लिए उचित और सुरक्षित स्थान ढूढ़ने निकल पड़ते हैं और जहां उन्हें उचित स्थान मिलता है वहां वह पौधा लगा देते हैं। वह अपनी हर महीने की सैलरी से 6000 रुपए सिर्फ वृक्षारोपण पर खर्च करते हैं। उन्होंने न सिर्फ अलपुझा में बल्कि पास के जिले एर्णाकुलम में भी वृक्षारोपण किया है।

पुलिस महकमे का मिला साथ

छह साल पहले जब विश्व पृथ्वी दिवस पर विद्याधरन को सम्मानित किया गया तब जिले के पुलिस अधीक्षक ने जिले के सभी थानों के लिए आदेश जारी किया था कि हर थाने में थानाध्यक्ष और अन्य पुलिसकर्मी मिलकर पांच पेड़ लगाएं। विद्याधरन से प्रभावित होकर कई गैरसरकारी संगठन भी वृक्षारोपण कर रहे हैं।

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