North-Central India

सत्ता बदली तो IPS अफसर अमिताभ को मिली क्लीन चिट

गलत है IPS अमिताभ-नूतन के खिलाफ दुष्कर्म का आरोप: लखनऊ पुलिस

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में सत्ता परिवर्तन होते ही किसी के ‘अच्छे दिन’ आये हो या नहीं लेकिन आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर के अच्छे दिन जरूर आ गए हैं। पहले तो उन्होंने सपा सरकार के जाते ही पुलिस सुरक्षा वापस कर दी और अब उन्हें पुलिस ने क्लीन चिट देते हुए दुष्कर्म के आरोप से मुक्त कर दिया।





वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर तथा एक्टिविस्ट डॉ. नूतन ठाकुर के खिलाफ 11 जुलाई 2015 को थाना गोमतीनगर में गाजियाबाद की एक महिला द्वारा लिखवाया गया बलात्कार का मुकदमा पुलिस की तफ्तीश में झूठा पाया गया है। इस बात की जानकारी मामले की जांच कर रहे गोमतीनगर के सीओ सत्यसेन यादव ने आज इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच को दी।

विवेचक ने कोर्ट को बताया कि मुकदमे की विवेचना पूरी कर ली गयी है और इसमें अमिताभ ठाकुर और नूतन ठाकुर के खिलाफ किसी प्रकार के साक्ष्य नहीं मिले हैं। उन्होंने कहा कि कॉल डिटेल्स, कथित पीड़िता के बयान और अन्य साक्ष्यों से यह प्रमाणित हो गया कि मुकदमा गलत था और मामले में दो दिन में अंतिम रिपोर्ट दायर कर दी जायेगी।

विवेचक के क्लीन चिट देने के बाद जस्टिस अजय लाम्बा और जस्टिस डॉ. विजय लक्ष्मी की बेंच ने अमिताभ द्वारा इस मामले की सीबीआई जांच के लिए दायर याचिका को भी निस्तारित कर दिया।

पुलिस से क्लीन चिट मिलने के बाद आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने पुलिसिया कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं, साथ ही उन्होंने नाराजगी भी जाहिर की है। उन्होंने अपने फेसबुक पर लिखा, ’20 महीने बाद आज पुलिस ने हाई कोर्ट के सामने स्वीकार किया कि मुझ पर और मेरी पत्नी पर लगाया गया बलात्कार का मुक़दमा झूठा पाया गया और उसमें अंतिम रिपोर्ट लगाई जा रही है, लेकिन क्या पुलिस की इस अंतिम रिपोर्ट से 20 महीने तक बलात्कार का झूठा मुलजिम होने का दंश समाप्त हो पायेगा?’

एक अन्य फेसबुक पोस्ट में अमिताभ ठाकुर ने लिखा, ‘लखनऊ पुलिस ने हम पर लगे बलात्कार के मुकदमे को झूठा बता कर इतिश्री कर ली पर हम तब तक चुप नहीं बैठेंगे जब तक हम इस मुकदमे के पीछे के षडयंत्र को बेनकाब न कर दें’ अमिताभ के इस पोस्ट से अंदाजा लगाया जा रहा है कि वह पुलिस के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं।

गौरतलब है कि 11 जुलाई 2015 को मुलायम सिंह द्वारा अमिताभ को फोन से धमकी देने की शिकायत देने के ठीक बाद उसी रात बलात्कार का यह मुक़दमा दर्ज हुआ था जो अभी तक लंबित था। आरोप लगाने वाली महिला ने पोस्टर आदि लेकर भी अमिताभ ठाकुर के खिलाफ प्रदर्शन किया था।

Comments

Most Popular

To Top