Police

ऐतिहासिक फैसला, पूर्व DGP को बहाल करने का दिया निर्देश

टीपी सेनकुमार (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने अपने ऐतिहासिक फैसले में केरल में पुलिस महानिदेशक के ओहदे से हटाए गए 1983 बैच के आईपीएस अधिकारी टीपी सेनकुमार को फिर से पुलिस प्रमुख बनाने का आदेश दिया है। इस फैसले ने उन सत्तारूढ़ राजनेताओं को स्पष्ट संदेश दिया है कि पुलिस अधिकारियों को बलि का बकरा नहीं बनाया जा सकता।





सेनकुमार को केरल में लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) ने सत्ता पर आसीन होते ही हटाया था। उन पर आरोप लगाया गया था कि पुट्टींगल अग्निकांड और दलित छात्र की हत्या के मामले को ठीक से संभाल नहीं पाए। सरकार ने उनकी जगह 1985 बैच के आईपीएस अधिकारी लोकनाथ बेहरा को राज्य का पुलिस महानिदेशक (DGP) नियुक्त किया था।

लोकनाथ बेहरा

लोकनाथ बेहरा (फाइल फोटो)

राज्य सरकार के इस फैसले को सेनकुमार ने केन्द्रीय प्रशासनिक पंचाट (CAT) में चुनौती दी थी लेकिन CAT ने उनके हक में फैसला नहीं दिया। इस पर सेनकुमार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

सेनकुमार की तरफ से वरिष्ठ वकील दुष्यंत दवे, प्रशांत भूषण और हैरिस बीरन ने पैरवी की। उन्होंने मुख्यमंत्री पिन्नरई विजयन पर कड़े आरोप लगाए और कहा कि श्री विजयन ने सेनकुमार को राजनीतिक मकसद से हटाया।

जस्टिस मदन बी. लोकुर और जस्टिस दीपक गुप्ता की खंडपीठ ने आपने आदेश में कहा कि राज्य सरकार ने सेनकुमार के साथ ‘अनुचित व्यवहार’ किया। अदालत ने कहा कि, ‘केस के तमाम तथ्यों और हालात पर विचार करने के बाद हमारी राय है कि सेन कुमार के साथ अनुचित व्यवहार किया गया। हमें फैसले को दरकिनार करते हुए याची की प्रतिनियुक्ति के आदेश देने में कोई हिचकिचाहट नहीं है।’

असल में CAT ने इस मसले पर फैसला देते हुए इस पक्ष को तरजीह दी थी कि सेनकुमार को सरकार ने अपनी शक्तियों के दायरे में रहकर हटाया है।

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