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गाजियाबाद के SSP ने होली खेलने के लिए मंगा लिए दमकल के 3 वाटर टेंडर

गाजियाबाद: होली जैसा बड़ा त्योहार आने से पहले शासन, प्रशासन, एनजीओ, अधिकारी आम लोगों से अपील करते नजर आते हैं कि वह त्योहार को शांति से मनाए। पानी न नष्ट करें। सूखे रंग, गुलाल से होली खेलें लेकिन इस सभी बातों को गाजियाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार और उनकी पूरी टीम भूल गई। दीपक कुमार ने होली मनाने में ही करीब 13,500 लीटर पानी बर्बाद कर दिया। रंग-बिरंगे पानी की बौछार जरा ठीक से पडे़ इसके लिए साहिबाबाद, वैशाली और गाजियाबाद कोतवाली से दमकल के तीन वाटर टेंडर मंगवाए गए। दमकल के इन तीनों ही वाटर टेंडर में अलग-अलग रंग का पानी भरा गया था।





इन दमकल को होली खेलने के लिए बुलाया गया था। प्रत्येक दमकल में करीब एक हजार गैलन पानी आता है। एक गैलन में साढे़ चार हजार लीटर पानी होता है। एसएसपी के सरकारी आवास पर ढोल की थाप और तेज आवाज डीजे के म्यूजिक पर कप्तान साहब और उनके अधीनस्थ पुलिस अधिकारी जमकर झूमे।

मंगलवार को पुलिस कप्तान के बंगले पर कई साल बाद होली का त्योहार मनाया गया। दरअसल इससे पूर्व यहां तैनात एसएसपी धर्मेंद्र सिंह होली खेलने से परहेज करते थे। ऐसे में विगत कई वर्षों से कप्तान के सरकारी बंगले पर होली का त्योहार नहीं मनाया जा सका। इस बार होली के लिए बंगले के मेन गेट में घुसते ही सीधे हाथ पर पड़ी खेती की जमीन को कुछ दिन पूर्व ही जुतवाया गया था। मंगलवार सुबह ही इसमें पानी छोड़ दिया गया। फिर इस कीचड़ में कप्तान और उनके पुलिसकर्मियों ने जमकर होली का मजा लिया।

फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियां रंग-बिरंगा पानी लेकर पहुंची

हैरानी उस समय हुई जब गाजियाबाद, साहिबाबाद और वैशाली फायर स्टेशन से दमकल की तीन गाड़ियां एसएसपी के सरकारी आवास के बाहर आकर खड़ी हो गईं। पहले तो लोगों ने समझा कि शायद कहीं आग लगी है, मगर जब दमकल की इन गाड़ियों से तीन अलग-अलग रंगों के पानी की बौछारें शुरू हुईं तो बात साफ हो गई।

कुछ इस तरह से एसएसपी दीपक कुमार ने साथी पुलिसकर्मियों के साथ खेली होली

भोजपुरी गीतों पर जमकर झूमे पुलिसकर्मी

एसएसपी आवास पर मंगलवार शाम को आयोजित हुए होली मिलन समारोह के कार्यक्रम में पुलिसकर्मी और शहर के नेता भोजपुरी गीतों पर जमकर झूमते दिखाई दिए। इस दौरान एसएसपी दीपक कुमार ने अपने आवास पर आने वाले प्रत्येक नेता का स्वागत गुलाब के फूल से किया।

उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम भी पुलिसकर्मियों के लिए जरूरी हैं। अधिकतर पुलिसकर्मी अपने घरों से दूर रहते हैं। उन्हें इस तरह के कार्यक्रमों से खुशी मिली हैं।

पुलिसकर्मियों ने जमकर लगाए ठुमके

विजयनगर बाईपास चौकी पर तैनात पुलिस कर्मियों ने मंगलवार सुबह करीब 10 बजे आयोजित हुए कार्यक्रम में एक महिला के कपडे़ पहने युवक के साथ जमकर ठुमके लगाए। कुछ पुलिसकर्मी तो उसे गोद में उठाकर भी थिरके।

पुलिस होली खेलती रही और पब्लिक रोती रही

एक तरफ गाजियाबाद का पूरा पुलिस महकमा होली खेलने में मस्त था तो दूसरी तरफ लोग अपनी शिकायतें लेकर खड़े थे। उन्हें पुलिसकर्मियों ने अगले दिन आने की बात कही। लोगों का कहना था कि पुलिसकर्मी ही जब इस तरह करेंगे तो जनता में क्या मैसेज जाएगा।

मुजफ्फरनगर में भी यही हाल

कुछ ऐसा ही नजारा यूपी के मुजफ्फर नगर जिले में भी देखने को मिला। पीड़ित अपनी गुहार को लेकर थानों के बाहर खड़े थे और पुलिस भीतर डीजे पर डांस करने में मशगूल थी। पूरा शहर जाम से जूझ रहा था, लोग खुद ही व्यवस्था बनाने में जुटे थे। पुलिस की होली से लोगों को शहर में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। शहर कोतवाली पुलिस ने तो पीड़ितों को अपने बाहर से भगा दिया।

पीड़ित पक्षों के लोग थानों के बाहर बैठकर पुलिस की होली खतम होने का इंतजार कर रहे थे। शहर कोतवाली के बाहर खालापार की दर्जनों महिलाएं अपनी गुहार लगाने के लिए आई तो पुलिस को बहुत बुरा लगा। कोतवाल और दरोगाओं ने पीड़ितों को हड़काते हुए भगा दिया और कहा कि होली खराब मत करो, कल आना।

बड़े साहब, सीओ सिटी और कोतवाल डांस में मशगूल थे। नई मंडी कोतवाली के बाहर भी पचेंडा की महिलाएं पहुंची तो पुलिस ने कहा कि जांच कर रहे हैं, फिर आना। इससे भी बुरे हालात तो शहर के चौराहों के थे। नावल्टी चौक, प्रकाश चौक, शिवचौक, मिनाक्षी चौक, कोर्ट रोड, मालवीय चौक आदि चौराहों पर लोग जाम में खड़े रहकर बिलबिला रहे थे। सिपाही और होमगार्ड कोई भी चौराहों पर नहीं था। लोगों में जमकर नोकझोंक हो रही थी और कुछ युवा खुद ही कारों और बाइकों से उतरे और जाम खुलवाने में जुट गए। यातायात विभाग के सिपाही पुलिस लाइन में रंगों में डूबे थे।

पुलिस लाइन में होली खेलते पुलिसकर्मी

कार्रवाई की मांग को लेकर थानों के बाहर फरियादी खड़े थे और शहर के बीच जाम में लोग और पुलिस लाइन में खुदवाए गए गड्ढे में अफसर लोगों को धक्का देकर गिरा रहे थे। पुलिस लाइन में अफसरों ने बड़ा सा गड्ढा खुदवाया था, जो भी पुलिसकर्मी या व्यक्ति वहां जा रहा था पुलिस अफसर उसे उठाकर गड्ढे में फेंक रहे थे। इस बात से अंजान होकर की बाहर शहर में क्या हो रहा है।

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