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अशांत पहाड़ के हालात पर काबू के लिए पहुंचे दो ADGP

सिलीगुड़ी में बवाल

सिलीगुड़ी। गोरखा जन मुक्ति (GJM) मोर्चा के आंदोलन से अशांत हुए पहाड़ की परिस्थितियों को नियंत्रित करने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार ने और नौ आईपीएस अधिकारियों को पहाड़ पर भेजने का निर्णय लिया है। शुक्रवार को सुबह दो पुलिस महानिदेशक (ADGP) रणवीर कुमार और विवेक सहाय न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन पर उतर कर पहाड़ के लिये रवाना हो गए।





इसके साथ और छह कंपनियां अर्द्ध सैनिक बल पहाड़ पर तैनात की गई हैं। गत आठ तारीख को पहाड़ पर मंत्रिमंडल की बैठक के बाद ही मोर्चा का हिंसक आंदोलन शुरू हो गया था। परिस्थितियों को संभालने के लिये सेना एवं तीन आईपीएस अधिकारियों को भी बुलाया गया था। बाद में परिस्थिति और खराब होने पर राज्य सरकार ने और नौ आईपीएस अधिकारियों व डब्ल्यूबीपीएस अधिकारियों को पहाड़ भेजने का निर्णय लिया।

पहाड़ में बंद पर हाई कोर्ट सख्त, GJM से मांगा स्पष्टीकरण

  • उधर, कोलकाता हाई कोर्ट ने दार्जिलिंग में चल रहे गोरखालैंड आंदोलन के दौरान पहाड़ में बेमियादी हड़ताल करने को लेकर GJM से स्पष्टीकरण मांगा है। इस सिलसिले में अदालत ने आगामी 23 जून को गोजमुमो के प्रतिनिधि को तलब किया है।

शुक्रवार को इस मामले पर हुई सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट की खंडपीठ ने स्पष्ट निर्देश दिया कि 23 जून को मामले की अगली सुनवाई के दौरान GJM के प्रतिनिधि को हाजिर होकर यह बताना होगा कि आखिरकार जब कोर्ट ने साफ कर दिया था कि बंद असंवैधानिक है तो बावजूद इसके पिछले कई दिनों से पहाड़ पर हड़ताल व हिंसा क्यों हो रही है? इसके बाद कोर्ट ने साफ किया कि आगामी सुनवाई के दिन यानी 23 जून को GJM के प्रतिनिधि को हाजिर होकर इस पर स्पष्टीकरण देना होगा।

इसके साथ ही अदालत ने बंद के दौरान पहाड़ पर हुए हिंसक प्रदर्शन की वजह से हुए नुकसान का ब्योरा भी मांगा है। इस संबंध में राज्य के मुख्य सचिव संजय मित्रा से दो दिन के भीतर रिपोर्ट तलब की गई है। अदालत ने दार्जिलिंग मामले पर अपना फैसला सुरक्षित रखते हुए पहाड़ी इलाकों में किए जा रहे बंद को असंवैधानिक बताया है।

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