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जानिए, पीपी पांडे ने गुजरात डीजीपी का पद क्यों छोड़ा ?

पीपी पांडे

नई दिल्ली। इशरत जहां मामले में आरोपी रहे गुजरात के कार्यकारी डीजीपी पीपी पांडे ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। गुजरात सरकार ने उन्हें 30 अप्रैल तक एक्सटेंशन देते हुए यह पद सौंपा था, लेकिन पूर्व IPS अधिकारी जूलियो रिबेरो ने इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। सोमवार को मामले की सुनवाई के दौरान पद छोड़ने के पांडे के प्रस्ताव को मानते हुए कोर्ट ने उन्हें पदमुक्त करने का आदेश दिया। इसी के साथ कोर्ट ने रिबेरो की याचिका का निपटारा कर दिया।





इसके पहले फरवरी में हुई मामले की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने इस संबंध में गुजरात सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। सोमवार को गुजरात सरकार ने कोर्ट में कहा कि पांडे को इशरत जहां एनकाउंटर मामले में आरोपी बनाया गया था, लेकिन 2010 में केंद्र ने इस मुद्दे पर अपना शपथपत्र बदल दिया था। हालांकि, खुद पांडे ने पद छोड़ने का प्रस्ताव रखा तो कोर्ट ने उसे स्वीकार कर लिया।

याचिका में कहा गया था कि पीपी पांडे इशरत जहां समेत कई मामलों में आरोपी रहे हैं, लेकिन सरकार ने रिटायरमेंट के बाद उन्हें एक्सटेंशन देकर गुजरात का कार्यकारी DGP बना दिया है। याचिका में रिबेरो ने दलील दी थी कि डीजीपी बनाए जाने से वह अपने खिलाफ चल रहे मामलों की जांच को प्रभावित कर सकते हैं।

रिबेरो ने पहले इसके खिलाफ गुजरात हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी जिसे खारिज कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। बता दें कि 1953 से 1989 तक भारतीय पुलिस सेवा में कई अहम पदों पर रहे जूलियो रिबेरो को पंजाब में आतंकवाद को खत्म करने के लिए जाना जाता है। उन्हें पद्म भूषण और राष्ट्रपति पुलिस मेडल से भी नवाज गया है।

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