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पंजाब छोड़ने के मूड में डीजीपी अरोड़ा, नजर सीआरपीएफ चीफ की कुर्सी पर

नई दिल्ली: पंजाब पुलिस के महानिदेशक सुरेश अरोड़ा के केन्द्र में प्रतिनियुक्ति पर जाने की अटकलों पर अब पूरी तरह से विराम लग गया है। 1982 बैच के आईपीएस अधिकारी श्री अरोड़ा के केन्द्र सरकार की सेवा पर जाने की इच्छा के संदर्भ में राज्य सरकार ने केन्द्रीय गृह मंत्रालय और मुख्य निर्वाचन आयोग को पत्र भेजा है। पत्र में कहा गया है कि 15 मार्च को चुनाव प्रक्रिया (मतगणना) पूरी होने के बाद ही श्री अरोड़ा को मौजूदा कार्यभार से मुक्त किया जा सकता है।





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श्री अरोड़ा की इस इच्छा को पंजाब में सत्ता परिवर्तन की संभावना से भी जोड़कर देखा जा रहा है। पंजाब में अभी तक शिरोमणि अकाली दल की सरकार है और राज्य की राजनीति की परख रखने वालों का मानना है कि राज्य में इस बार सत्ता से अकाली दल के हटने के आसार हैं। श्री अरोड़ा अकाली दल की सरकार के दौरान ही महानिदेशक बनाए गए। जैसा कि आमतौर पर होता है कि सत्ता पर काबिज होने वाली पार्टी महानिदेशक, मुख्य  सचिव और ऐसे अहम ओहदों पर अपनी पसंद के अधिकारियों की तैनाती करती है, वैसा ही पंजाब में सत्ता परिवर्तन पर होगा। उन हालात में श्री अरोड़ा भी हटाए जा सकते हैं। ऐसी अजीब परिस्थिति को टालने के लिए श्री अरोड़ा का राज्य की पुलिस को अलविदा कहना तार्किक लगता है।

1982 बैच के IPS श्री अरोड़ा सितंबर 2018 में रिटायर होंगे। उन्हें अक्टूबर 2015 में सुमेध सिंह सैनी की जगह महानिदेशक तब बनाया गया था जब राज्य में धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी को लेकर बवाल मचा था और फरीदकोट में फायरिंग के दौरान एक शख्स की मौत हो गई थी। श्री सैनी की जगह तब उनके करीब रहे श्री अरोड़ा को उनकी कुर्सी दी गई थी। अब वरिष्ठता के आधार पर उन्हें CRPF के महानिदेशक का ओहदा दिए जाने की चर्चा है।

वर्तमान में CRPF के प्रमुख के तौर पर 1984 बैच के IPS अफसर सुदीप लखटकिया काम देख रहे हैं। उन्हें पिछले महीने के. दुर्गाप्रसाद के रिटायर होने के बाद ये कार्यभार सौंपा गया। वैसे वह अतिरिक्त महानिदेशक हैं। लखटकिया के बैच के ही और अधिकारी भी सीआरपीएफ में हैं। ऐसे हालात में 1984 से सीनियर बैच के अधिकारी को ही महानिदेशक बनाए जाने का इंतजार है। इंतजार संभवत: श्री अरोड़ा के रिलीव होने का किया जा रहा है।

28 फरवरी 2017 को जब श्री लखटकिया ने अतिरिक्त कार्यभार संभाला था उस वक्त जारी शासनादेश में स्पष्ट किया गया था कि नियमित उत्तराधिकारी आने तक ही श्री लखटकिया महानिदेशक का काम देखेंगे।

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