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पुलिस भर्ती की धीमी गति पर प. बंगाल सरकार को फटकार

नई दिल्ली: पुलिस बलों में खाली पदों पर भर्तियों के मामले पर सुनवाई के दौरान पश्चिम बंगाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में रोडमैप सौंपा है। मामले की अगली सुनवाई 5 मई को होगी।





गौरतलब है कि राज्य सरकार ने पिछली सुनवाई में कहा था कि पश्चिम बंगाल में कांस्टेबल के 66 हजार पद हैं जिसमें वह पहले आठ हजार पदों पर बहाली के लिए प्रक्रिया शुरू करेगी और 2021 तक सभी पदों पर भर्ती कर ली जाएगी। जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने उसे कहा था कि पहले वह दस हजार पुलिस बलों की भर्ती करे।

सुप्रीम कोर्ट से पश्चिम बंगाल सरकार ने दस हजार जवानों की भर्ती पर कहा था कि उसके पास इतने लोगों के प्रशिक्षण के लिए संसाधन नहीं है, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर आप धीमी गति से बहाली करेंगे तो कभी भर्तियां पूरी नहीं कर पाएंगे। क्या आपने कभी ये ध्यान रखा है कि कई लोग रिटायर हो रहे हैं, कई की मौत हो रही है और कई को बर्खास्त किया जा रहा है।

पश्चिम बंगाल सरकार ने कहा कि जूनियर कांस्टेबल के पद पर 1173 पद खाली हैं जिसके लिए इस साल के अंत तक बहाली कर ली जाएगी। सब इंस्पेक्टर के खाली पड़े पदों पर 2020 तक बहाली हो जाएगी।

इन राज्यों से भी सुप्रीम कोर्ट ने मांगा है रोडमैप

पिछले 17 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने उत्तरप्रदेश, बिहार, झारखंड, तमिलनाडु, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल समेत छह राज्यों में पुलिसबलों की कमी पर चिंता जताई थी।

सुप्रीम कोर्ट ने 24 अप्रैल को उत्तर प्रदेश सरकार के रोडमैप को मंजूरी देते हुए यूपी में पुलिस में खाली 32 हजार पदों पर भर्ती के निर्देश दिए थे। यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि 11376 इंस्पेक्टर की भर्ती जनवरी 2018 से शुरू होगी और जनवरी 2023 तक पूरी होगी। हर साल 3200 सब इन्स्पेक्टर की भर्ती होगी। इसके साथ ही एक लाख एक हजार छह सौ उन्नीस सिपाहियों की भर्ती इसी साल अगस्त से शुरू होगी।

सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड सरकार के वकील से पूछा था कि आपके यहां 26 हजार पुलिस बलों की कमी है आप इसे कैसे भरेंगे? कोर्ट ने कर्नाटक से भी पूछा था कि आपके यहां 24399 पुलिस बलों की कमी है आपने क्या योजना बनाई है? कर्नाटक ने कहा था कि प्रक्रिया जारी है। तब सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि आपके यहां 2013 से भर्ती की प्रक्रिया जारी है लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ है।

तमिलनाडु से कोर्ट ने पूछा कि आपके यहां 19,803 खाली पद हैं तो तमिलनाडु सरकार ने कहा कि भर्तियों के लिए विज्ञापन दिए जा चुके हैं। तब चीफ जस्टिस ने कहा कि आपने केवल यही एक कदम उठाया है। उसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वर्तमान में हम इन छह राज्यों पर विचार करेंगे बाद में सभी राज्यों में पुलिसबलों की भर्ती पर विचार करेंगे।

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