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नेमप्लेट पर लिखवाया: ‘कृपया सिफारिश के लिए न मिलें’

भोपाल। जब किसी अधिकारी का तबादला होता है तो नया अधिकारी आने पर कार्यालय के बाहर लगी नेम प्लेट पर पुराने अफसर का नाम हटाकर नए अफसर का नाम लिख दिया जाता है पर मध्य प्रदेश के श्योपुर कोतवाली में पदस्थ टीआई सुनील खेमरिया ऐसे अधिकारी हैं जो तबादला होकर जहां भी जाते हैं अपनी नेम प्लेट को भी साथ लेकर जाते हैं आखिर ऐसा क्या खास है इस नेम प्लेट में आइये जानते हैं।





खबरों के अनुसार सुनील पिछले 14 साल से अपनी नेम प्लेट साथ लेकर चल रहे हैं। इस दौरान सुनील खेमरिया छह जिले और करीब 10 थाने बदल चुके हैं। सब इंस्पेक्टर पद से भर्ती हुए सुनील खेमरिया को बेहतर काम के कारण वर्ष 2003 में टीआई बनाया गया और उनकी पहली पोस्टिंग भिंड जिले में हुई। जिस दिन खेमरिया चार्ज लिया उसी दिन ऑफिस के बाहर एक नेम प्लेट लगवाई जिस पर उन्होंने अपना नाम और मोबाइल नंबर के साथ साफ अक्षरों में यह भी लिखवा दिया कि ‘कृपया सिफारिश हेतु न मिलें’। वर्ष 2016 में वह श्योपुर जिले में पदस्थ हुए। इन 14 साल में छह जिले और 10 थानों में रह चुके सुनील खेमरिया को इस नेम प्लेट से इतना प्यार है कि, उसे तबादला होने के बाद भी अपने साथ ले जाते हैं।

अब परिस्थितियां बदल गईं : सुनील खेमरिया

वह 14 साल पहले लिखी बात पर अभी भी अमल करते हैं या नहीं? इसके जवाब में टीआई खेमरिया बताते हैं कि, जब यह लिखवाया था तब पूरी तरह पालन किया। किसी नेता, अफसर या बड़े से बड़े दबंग की सिफारिश नहीं मानी। लेकिन अब हर काम में राजनीतिक दखल बढ़ गया है। पुलिस व्यवस्था पहले जैसी नहीं रही। इसलिए 14 साल पहले लिखी इस बात का पालन अब शत-प्रतिशत नहीं हो पा रहा। अब किसी की छोटी-मोटी सिफारिशें तो मान लेते हैं ,लेकिन गंभीर अपराधों में आज भी किसी की सिफारिश नहीं सुनते।

इसलिए नेम प्लेट पर लिखवानी पड़ी चेतावनी

खेमरिया की पहली पोस्टिंग के दौरान आईपीएस साजिद फरीद सापू पहली बार किसी जिले के एसपी बनकर भिंड में आए थे। तीखे तेवर वाले एसपी सापू ने टीआई खेमरिया सहित सभी थाना प्रभारियों को यह चेतावनी दी थी कि थानों में सिर्फ सच्ची एफआईआर दर्ज की जाएं। किसी नेता अफसर या दबंग की सिफारिश पर न तो किसी निर्दोष पर झूठा फंसाया जाए नहीं किसी आरोपी पर मेहरबानी की जाए। एसपी की यह बात टीआई खेमरिया को ऐसी जंची कि उन्होंने नेम प्लेट पर लिखवा लिया कि सिफारिश के लिए न मिलें।

साभार: नई दुनिया

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