East India

मलकानगिरि में सुरक्षाबलों ने मार गिराया माओवादी नेता

मलकानगिरी मुठभेड़

भुवनेश्वर। ओडिशा-आंध्र प्रदेश सीमा पर स्थित मलकानगिरि जिले के चित्रोकोंडा थाना क्षेत्र के कपाटुटी जंगल में शनिवार सुबह सुरक्षा बलों व माओवादियों के बीच गोलीबारी में माओवादी नेता चिन्नाबाई की मौत हो गई है। मलकानगिरि के आरक्षी अधीक्षक मित्रभानु महापात्र ने इसकी पुष्टि की है।





घटनास्थल से भारी मात्रा में गोला-बारूद व माओवादी सामग्री बरामद की गई है। इस घटना के बाद तलाशी अभियान को तेज किया गया है।

  • दंतेवाड़ा में पुलिस के हत्थे चढ़े तीन नक्सली

उधर, छत्तीसगढ़ की दंतेवाड़ा जिला पुलिस ने दबिश देकर तीन नक्सलियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
दंतेवाड़ा एसपी कमलोचन कश्यप ने बताया कि गिरफ्तार पाण्डू भास्कर (37 वर्ष) 2015 में भांसी-कमालूर के मध्य रेलवे पटरी मरम्मत सुरक्षा के लिए गई पुलिस पार्टी पर एम्बुश लगाकर फायरिंग करने एवं वर्ष 2015 में ही भांसी-झिरका के मध्य 01 ओएचई रेल इंजन को जलाकर क्षतिग्रस्त करने एवं रेल कर्मचारियों का मोबाइल वायरलेस सेट एवं अन्य रेलवे सामान लूटने की घटना में शामिल था।

गिरफ्तार नक्सली पोदिया भास्कर एवं राजू भास्कर वर्ष 2013 होली के समय बड़ेकमेली के सरपंच सुरेश तामो की हत्या और वर्ष 2014 में पुजारीपारा धुरली में भगत कुंजाम की हत्या व लूटपाट की घटना, रेलवे सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी कई घटनाओं में शामिल थे।

उक्त घटनाओं में माओवादी कमाण्डर संजय, लखन, रैनू, मोटू एवं मिलिशिया सदस्य राजेष भास्कर, मंगल भास्कर, राजू, ईतवारी तेलाम, सुदरू लेकामी, कुमारू अतरा, देवा जेलाम, पाण्डरू कुंजाम अतरा, जोगा तेलाम एवं अन्य भी शामिल थे।

गिरफ्तार माओवादी विगत 10 वर्षों से लगातार नक्सली संगठन से जुडक़र उन्हें राशन पहुंचाने, पेड़-सड़क काटकर मार्ग अवरूद्ध करने, रेलवे सम्पति को नुकसान पहुंचाने एवं माओवादी बैठकों को आयोजित कराने में सहयोग कर रहे थे।

  • नक्सली इलाकों में खुलेंगे 75 नये थाने

नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग में नक्सली घटनाओं पर नियंत्रण के लिए 75 नये थाने खोले जायेंगे। संभाग के सुकमा, दन्तेवाड़ा, बीजापुर और नारायणपुर के अतिसंवेदनशील इलाकों में 150 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले थानों के लिए राशि केन्द्र सरकार उपलब्ध करायेगी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ये सभी भवन अत्याधुनिक होंगे और अत्याधुनिक हथियारों के साथ लाल आतंक को खत्म करने की मुहिम में बड़ी भूमिका अदा करेंगे। प्रत्येक थाने में थाना प्रमुख के साथ लगभग 150 अन्य पुलिस कर्मियों को नियुक्त किया जायेगा। जानकारों का कहना है कि स्थानीय पुलिसबल की तैनाती से इन अभियान को नई ताकत मिलेगी। थाना भवनों के निर्माण में नक्सली जरूर बाधा पहुंचायेंगे। इस दिशा में सुरक्षाबलों के उच्च पदस्थ अधिकारी रणनीति बनाने में जुटे हैं।

Comments

Most Popular

To Top