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मुरादाबाद की मधु ठाकुर ने प्रोफेसर की नौकरी छोड़ क्यों पहनी खाकी?

मुरादाबाद: मधु ठाकुर उन 63 महिला दरोगाओं में से हैं जो उत्तर प्रदेश पुलिस का अभी-अभी हिस्सा बनी हैं। जिस समय अपर पुलिस महानिदेशक बृजलाल खाकी धारण करने वाली उत्तर प्रदेश की इन महिलाओं को पासिंग आउट परेड में कर्तव्य परायणता की शपथ दिला रहे थे तो वहां मौजूद कई लोगों की आंखें छलक रही थीं। वजह थी इन महिलाओं में से किसी ने अपने पति को खोया था तो किसी ने अपने पिता को और उन्ही की जगह इन्हें नौकरी मिली। इनमें से मुरादाबाद की 29 वर्षीय मधु ठाकुर सर्वांग सर्वोत्तम रहीं।





मुरादाबाद की दिलारी निवासी मधु ठाकुर के पिता हरपाल सिंह यूपी पुलिस में कांस्टेबल थे। उनकी तैनाती जब रामपुर के विलासपुर में थी तो सड़क दुर्घटना में उनकी मौत हो गई थी। उन्होंने मेहनत लगन के साथ पढ़ाई की और सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज, दिलारी से हाईस्कूल प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण कर  राजकीय पॉलीटेक्निक रामपुर में दाखिला लिया। फिर बीटेक करने के लिए नोएडा के इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला लिया। मधु ने लगभग 6 वर्षों तक आईईसी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में बतौर असिस्टेंट प्रोफेसर कार्य किया। सोमवार को पुलिस लाइन मुरादाबाद में प्रशिक्षण प्राप्त कर मधु दरोगा बनीं।

5 महिला सब इंस्पेक्टर फेल

मृतक आश्रित कोटे के तहत एक साल में पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में प्रशिक्षण पूरा होता है। इस बार प्रशिक्षण के लिए 73 प्रशिक्षुओं का बैच ट्रेंनिंग सेंटर आया था। जिनमें से 68 महिला प्रशिक्षुओं को पासिंग आउट परेड में शामिल किया गया। शेष प्रशिक्षुओं को परीक्षा में फेल होने के कारण पासिंग आउट परेड में शामिल नहीं किया गया। अब इन्हें तीन महीने का अतिरिक्त प्रशिक्षण देने के बाद पासिंग आउट परेड में शामिल किया जाएगा।

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