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एयरफोर्स छोड़ आतंकियों का आका बन गया गौस मोहम्मद

आतंकी-गौस-मोहम्मद-खान

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आईएस गुट का मास्टरमाइंड गौस मोहम्मद खान (जीएम खान) और उसके एक साथी अजहर को गिरफ्तार कर लिया गया है। हैरानी की बात है कि कानपुर से गिरफ्तार किया गया गौस भारतीय वायुसेना में काम कर चुका है। मुठभेड़ के दौरान सैफुल्लाह नाम का एक आतंकी मारा गया गया था जबकि पुलिस 6 आतंकियों की तलाश कर रही थी। अभी तक की छानबीन के मुताबिक आईएस के इस मॉड्यूल से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े जिन आतंकियों की पहचान की गई है उनमें से 4 की गिरफ्तारी बाकी है।





आतंकी गौस से उसके परिवार ने नाता तोड़ दिया है। उसके बेटे अब्दुल कादिर ने बताया कि हमारा जूते का कारोबार है। वह आकर कहने लगे मुझे रायबरेली ले चल.. जहां उनकी ससुराल है और जब वापस आ रहे थे तो रास्ते में उतर गए। और फिर अगले दिन पूरी कहानी पता चली।

यूपी-एटीएस

आतंकी सैफुल्लाह का इसी मकान में हुआ एनकाउंटर

बताया जा रहा है कि वह कानपुर में कमल खत्री के नाम से रह रहा था। लखनऊ में जिस वक्त सैफुल्लाह के साथ एटीएस की टीम एनकाउंटर में लगी हुई थी, उस वक्त गौस भी लखनऊ में ही था। वह आतंकियों की भर्ती का काम करता था। गौस मोहम्मद एयरफोर्स में एयरमैन था और वह 15 साल तक एयरफोर्स में रहा।

शुरुआती जानकारी के बाद माना जा रहा है कि सैफुल्लाह IS के ‘खुरासान मॉड्यूल’ से जुड़ा हुआ था और वही यूपी के मॉड्यूल का सरगना था। लेकिन बाद में सामने आया कि वह तो महज मोहरा था। असली सरगना तो कानपुर का रहने वाला गौस मोहम्मद खान है, जो एयरफोर्स में भी काम कर चुका है।

अधिकारियों के मुताबिक, लखनऊ, कानपुर के साथ ही इलाहाबाद में भी उसकी गिरफ्तारी के लिए टीम भेजी गई थीं, लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिली। लेकिन गुरुवार को ATS ने उसे रायबरेली से गिरफ्तार किया।

उसके साथ अजहर खान नाम के शख्स को भी गिरफ्तार किया गया है। वह हथियारों की सप्लाई करता था। यूपी के एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) दलजीत ने बताया कि कानपुर से गिरफ्तार किए गए फैसल और इमरान ने पूछताछ में खुलासा किया था कि खुरासान कानपुर-लखनऊ मॉड्यूल को संदिग्ध आतंकी आतिफ मुजफ्फर और गौस मोहम्मद खान ने बनाया था।

मंगलवार को मध्य प्रदेश में भोपाल-उज्जैन पैसेंजर ट्रेन में धमाके के बाद मध्य प्रदेश ATS ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पिपरिया से 3 लोगों को हिरासत में लिया था और इसके बारे में यूपी एटीएस को भी बता दिया था।

खुफिया सूचना पर कार्रवाई करते हुए यूपी एटीएस ने सैफुल्लाह को लखनऊ के ठाकुरगंज इलाके में उसके किराए के घर में घेर लिया था। उसे सरेंडर करने के लिए भी कहा गया था, लेकिन उसने एटीएस के जवानों पर फायरिंग कर दी थी। इसके बाद 11 घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद यूपी एसटीएफ ने सैफुल्लाह को मार गिराया था। एनकाउंटर से पहले सैफुल्लाह को सरेंडर करने के लिए कहा गया था लेकिन उसने फायरिंग जारी रखी जिसके बाद उसे मार गिराया गया। यह ऑपरेशन रात दो बजे तक चला था।

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