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तेवर नहीं बदले किरण बेदी के, बोलीं-जनसेवा में हो तो 10 से 6 की ड्यूटी भूल जाओ

नई दिल्ली/पुडुचेरी: केन्द्रशासित क्षेत्र पुडुचेरी की उपराज्यपाल और पूर्व आईपीएस अधिकारी किरण बेदी ने आज फिर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को चौंका दिया। श्रीमती बेदी ने आज के औचक निरीक्षण के बाद जो अनुभव किया वो सही मायने में उन अधिकारियों के लिए और प्रशासनिक तंत्र के लिए सबक है जो जनसेवा के काम को महज नौकरी की तरह लेते हैं।





रक्षकन्यूजडॉटकाम से बातचीत में श्रीमती बेदी ने कहा कि अधिकारियों को अपने काम के पुराने तौर-तरीके बदलने होंगे। और इसके लिए पुलिस और नागरिक प्रशासन के अफसरों को फिर से प्रशिक्षण दिए जाने की जरूरत है। उनका मानना है कि अधिकारियों को लोगों के पास जाना चाहिए ताकि उनकी शिकायतें/समस्याएँ मौके पर और तत्काल दूर की जा सकें। हमें यह सोच बदलनी होगी कि अगर किसी की समस्या होगी तो वह खुद ही आयेगा।

मुदलियारपेट थाने में फाइलों का निरीक्षण करतीं एलजी किरण बेदी

 

शनिवार की सुबह 6 बजे श्रीमती बेदी प्रशासनिक अमले के साथ मुदलियारपेट थाने पहुंची और थाना परिसर के अलावा फाइलों का भी निरीक्षण किया। वहां उन्होंने अपराधियों के रिकॉर्ड/हिस्ट्रीशीट की जांच की और उसमें मिलीं खामियों को दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बदमाशों और आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों की गतिविधियों पर निगाह रखने के लिए इस तरह के रिकार्ड को दुरुस्त रखना और समय-समय पर चेक करना, अपराध की रोकथाम के लिए बेहद जरूरी है।

श्रीमती बेदी ने कहा-‘मैंने पाया है कि जनसेवा में जुड़े अधिकारी सेवा को दफ्तरी काम की तरह ही देखते हैं लेकिन उन्हें महसूस करना चाहिए कि सेवा सिर्फ सुबह 10 से शाम 6 बजे तक नहीं होती। इस मानसिकता को बदलने की जरूरत है।’
श्रीमती बेदी की नाराजगी इस बात को लेकर भी दिखी जब उन्होंने थाना परिसर में उस सामान का ढेर पाया जिसे पुलिस ‘केस प्रापर्टी’ के तौर पर जब्त करती है और इस सामान ने काफी जगह घेर रखी थी। श्रीमती बेदी ने आदेश दिया कि अदालती प्रक्रिया पूरी करके ऐसे सामान को जल्द से जल्द हटाया जाए।

थाने के रास्ते में उन्होंने मुरुंगपक्कम की हाउसिंग बोर्ड कालोनी का दौरा किया। वहां के लोगों को मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं में कमी पाए जाने पर भी उनकी नाराजगी दिखाई दी। वहां ये भी पता चला कि जिस कीमत पर लोगों को फ्लैट दिए गए और उनसे जुड़े दस्तावेज के मामले लंबित हैं। कुछ मामले तो पांच साल से लंबित हैं।

मुरुंगपक्कम की हाउसिंग बोर्ड कालोनी में लोगों की समस्याएं सुनतीं किरण बेदी

ये ‘टीम राजनिवास’ का 78वां दौरा था। इसके बाद राजनिवास की तरफ से बाकायदा दिशा निर्देश संबंधित आदेश भी जारी किया गया। उन्होंने अधिकारियों को ज्यादा संवेदनशील बनने और जनता के करीब जाने की कवायद करने को कहा।

दिल्ली में यातायात पुलिस की डीसीपी रहते वक्त ‘क्रेन बेदी’ के नाम से लोकप्रिय हुई किरण बेदी का स्टाइल उपराज्यपाल बनने के बाद भी बरकरार है। सख्त अनुशासन और पर्यावरण प्रेमी श्रीमती बेदी आज भी साइकिल पर सवार होकर निकलीं थीं। इससे पहले भी वह कई बार साइकिल दौरा करती देखी गईं। लिहाजा उनके साथ तमाम बड़े अफसर भी साइकिल यात्रा करने को मजबूर होते हैं। हालांकि कई उनके इस स्टाइल के प्रशंसक भी बन गए हैं।

पुडुचेरी की उपराज्यपाल किरण बेदी अक्सर पुलिस प्रशासन के बड़े अधिकारियों के साथ साइकिल से ही निरीक्षण पर निकल पड़ती हैं। ऐसे ही वह पिछले दिनों पुलिस महानिदेशक सुनील गौतम (सबसे बाएँ) और एसएसपी राजीव रंजन (किरण बेदी के पीछे) के अलावा आईएएस अफसरों के साथ दौरे पर निकलीं

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