North India

गैंगवार में दिल्ली पुलिस के ASI समेत तीन को गोलियों से भूना

दिल्ली पुलिस

नई दिल्ली। बाहरी दिल्ली के मियांवाली नगर इलाके में भूपेंद्र उर्फ मोनू दरियापुर को रविवार देर रात उसी की कार के अंदर गोलियों से भून डाला गया। बाइक और कार में सवार होकर आए बदमाशों ने अत्याधुनिक हथियारों से अंधाधुंध गोलियां चलाई। इसमें मोनू दरियापुर के साथ ही उसकी सुरक्षा में लगे दिल्ली पुलिस के एक एएसआई व पीएसओ की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई। हमले के पीछे मोनू के विरोधी गैंग का हाथ बताया जा रहा है। घटना वक्त मोनू दरियापुर में के पास अपनी कार में बैठा हुआ था।





इस हमले में दिल्ली पुलिस के एक कांस्टेबल को भी गोलियां लगी हैं। जिन्हें गंभीर हालत में इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। करीब 50 से अधिक राउंड हुई फायरिंग से आसपास अफरातफरी मच गई। मामले की सूचना पर मियांवाली नगर थाने की पुलिस व वरिष्ठ अधिकारी वारदात वाली जगह पर पहुंच गए। फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम को बुलाकर घटनास्थल का मुआयना कराया गया। हमले में जान गंवा चुके तीनों को मंगोलपुरी स्थित संजय गांधी अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने आईपीसी की धारा 302/ 307/34/25 व 27 आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

कार-पर-फायरिंग

वारदात के वक्त इसी कार में भूपेंद्र के साथ थे ASI और कांस्टेबल

कांस्टेबल कुलदीप

फायरिंग में दिल्ली पुलिस का कांस्टेबल कुलदीप घायल हो गया (फाइल फोटो)

लोकल पुलिस के अलवा अन्य टीम भी लगी जांच में

पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार बदमाशों की तलाश में बाहरी जिले के स्पेशल स्टाफ, लोकल थाने में तैनात टीम को लगाया गया है। इसके अलावा क्राइम ब्रांच व स्पेशल सेल भी अपने लेवल पर छानबीन करने में जुट गई हैं।

कैसे घटी घटना

दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता मधुर वर्मा व बाहरी जिले के डीसीपी एम एन तिवारी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार रविवार रात करीब 11 बजे मियांवाली नगर थाने के नेशनल मार्किट के पास बवाना के दरियापुर कलां का रहने वाला भूपेंद्र उर्फ मोनू दरियापुर अपने दिल्ली पुलिस के 2 सुरक्षाकर्मियों के साथ सफेद रंग की कार में बैठा हुआ था। वह अपने सुरक्षाकर्मियों व एक साथी के साथ घर जाने के लिए निकला था।

दिल्ली पुलिस

भूपेंद्र उर्फ मोनू दरियापुर (फाइल फोटो)

लेकिन उसका एक साथी मार्केट से कुछ सामान खरीदने के लिए गया था। मोनू दरियापुर पर वर्ष 2006 में हुए एक जानलेवा हमले के बाद कोर्ट के आदेश पर दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा मुहैया कराई हुई थी। इसी बीच अचानक बाइक व कार से आए हमलावरों ने सीधे मोनू दरियापुर को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ गोलियां चला दी। इससे पहले कि कार में बैठे पुलिसकर्मी कोई जवाबी कार्यवाही कर पाते हमलावरों ने उनके ऊपर भी गोलियां बरसा दीं।

उसके बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। हमले में मोनू दरियापुर के शरीर व सिर में करीब 22 गोलियां लगी। मोनू के सिर का बायां हिस्सा मांस के लोथड़ों में ड्राइविंग के बगल वाली सीट पर बिखरा पड़ा था। शुरुआती जांच में पता चला है कि हमलावर मौका ए वारदात से तब भागे जब कार के नजदीक जाकर यकीन कर लिया कि मोनू दरियापुर मर चुका है।
दिल्ली पुलिस के एएसआई विजय सिंह और निजी सुरक्षाकर्मी रोहिणी निवासी अरुण की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। हमलावरों की गोलियों का शिकार हुए पुलिस कांस्टेबल की पहचान कुलदीप के रूप में हुई है। कुलदीप की हालत नाजुक है। पुलिस को मौके पर खड़ी मिली मोनू की कार में दर्जनों गोलियों के निशान मिले हैं।

उसके आसपास पड़ा खून और गोलियों के तमाम खोखे देख कर साफ अंदाज़ लगाया जा रहा है कि इसे पूरी योजना के साथ अंजाम दिया है। फिलहाल पुलिस टीमें सीसीटीवी फुटेज व वारदात वाली जगह पर संभावित हमलावरों की हरकत का पता करने के लिए सीडीआर निकलवा रही है।

Comments

Most Popular

To Top