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कश्मीर पुलिस में आतंकियों के रिश्तेदारों की भर्ती अब नहीं

जम्मू-कश्मीर पुलिस

जम्मू। जम्मू-कश्मीर पुलिस (J&K Police) अब भर्तियों के दौरान वैरीफिकेशन के सख्त नियम लागू करने की तैयारी में है। नए नियमों के तहत उन कश्मीरियों को पुलिस में नौकरी नहीं मिलेगी जिनके करीबी रिश्तेदार राज्य में फैल रही आतंकवादी गतिविधियों में शामिल पाए जाएंगे। कश्मीर के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) का पद संभालने वाले मुनीर खान ने कहा था कि कई मामलों में देखा गया है कि पुलिसकर्मी नौकरी छोड़ आतंकवादी संगठनों में शामिल हो रहे हैं। इन दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं को देखते हुए पुलिस को कड़े नियमों का पालन करने पर मजबूर होना पड़ा है।





  • वैरीफिकेशन के सख्त नियम लागू करने की तैयारी
  • उन कश्मीरियों को पुलिस में नौकरी नहीं जिनके करीबी रिश्तेदार आतंकवादी गतिविधियों में शामिल पाए जाएंगे
  • पुलिसकर्मी नौकरी छोड़ आतंकवादी संगठनों में शामिल हो रहे
  • 6 साल में कम से कम 9 पुलिस वाले आतंकवादी संगठनों में शामिल हुए

मुनीर खान ने कहा कि हमने देखा है कि ये रिश्तेदार पुलिस में भर्ती हुए कर्मी को प्रभावित करते हैं। हमें वैरीफिकेशन के लिए सख्त नियमों का पालन करना होगा और प्रतियोगियों की बैकग्राउंड और परिवार के सदस्यों के बारे में भी जानकारी हासिल करनी होगी। यह गंभीर विषय है।

श्री खान के मुताबिक पुलिस फोर्स को छोड़ आतंकवादी संगठनों में जो लोग शामिल हुए हैं, उनमें से अधिकांश के रिश्तेदार आतंकवादी हैं या फिर उनके खुद आतंकवादियों से रिश्ते रहे हैं। बीते 6 सालों में कम से कम 9 पुलिस वाले आतंकवादी संगठनों में शामिल हुए हैं। 15 से ज्यादा हथियार लेकर भी फरार हो गए हैं। गत सप्ताह ही नाजनीनपुरा का कांस्टेबल नावीद मुश्ताक 4 राइफलें लेकर फरार होने के बाद हिजबुल मुजाहिदीन में शामिल हो गया था। मुश्ताक का भाई भी सक्रिय आतंकवादी है।

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