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ज्यादा वजन भारी पड़ा ट्रेनी IPS अफसर को, बर्खास्त

नई दिल्ली: एक प्रशिक्षु भारतीय पुलिस सेवा अफसर को केंद्र सरकार ने बर्खास्त कर दिया है। इसके पीछे उसके ज्यादा वजन का हवाला दिया गया है। 2010 बैच का यह आईपीएस अफसर अनिवार्य फिजिकल फिटनेस टेस्ट और बेसिक ट्रेनिंग कोर्स पूरा नहीं कर पाया था।





महाराष्ट्र कैडर के ट्रेनी आईपीएस अफसर सालुंखे दीपक आत्माराम को नेशनल पुलिस अकादमी में कई मौके दिए गए, लेकिन वह फिजिकल फिटनेस एग्जाम में फेल हो गए। एक अंग्रेजी समाचार पत्र में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, उनका प्रोबेशन पीरियड 2 साल बढ़ाकर दिसंबर 2014 किया गया था। वह तब भी नाकाम रहे। इसके बाद उन्हें फिर दो साल का एक्सटेंशन दिया गया।

नहीं दिया कारण बताओ नोटिस का जवाब

सालुंखे को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा गया था कि उन्हें क्यों न बर्खास्त कर दिया जाए। जनवरी 2017 में भी सालुंखे को जवाब देने के लिए रिमाइंडर भेजा गया, लेकिन उन्होंने उसका भी जवाब नहीं दिया। 22 मार्च को जारी निर्देश में कहा गया था कि सालुंखे ने बेसिक फिजिकल फिटनेस पास नहीं किया है, जो आईपीएस के योग्य बनने के लिए जरूरी हैं। सालुंखे ने जानबूझकर अपने कर्तव्यों की उपेक्षा की है। इसलिए उन्हें बर्खास्त किया जाता है।

उन्हें आईपीएस (प्रोबेशन) नियमावली 1954 के नियम 12(ए) के तहत बर्खास्त किया गया है। इस नियम के तहत यदि कोई प्रशिक्षु आईपीएस नियम 9 के तहत दोबारा, तिबारा मौके देने पर भी यदि वह परीक्षा पास नहीं कर पाता है तो उसे बर्खास्त करने का अधिकार सरकार के पास होता है।

पहले भी हो चुका है ऐसा

ऐसा पहली बार नहीं हुआ है जब किसी आईपीएस अफसर को फिजिकल टेस्ट पास न करने पर बर्खास्त किया गया हो। इससे पहले झारखंड कैडर की 2010 बैच की आईपीएस अफसर कुसुम पुनिया और प. बंगाल कैडर के ट्रेनी आईपीएस कुमार गौतम को पिछले साल इसी आधार पर बर्खास्त कर दिया गया था।

हालांकि, केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने उन्हें बहाल करने की अनुमति दी थी, लेकिन उन्हें एनपीए कोर्स के बाकी एग्जाम पास करने को कहा गया था। पुनिया और गौतम दोनों ने ऐसा किया और आईपीएस अधिकारियों के रूप में उनकी पुष्टि की गई थी।

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