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गोपनीय सूचना लीक करने के आरोप में IPS अफसर गिरफ्तार

आल असम स्टूडेंट्स यूनियन

गुवाहाटी। असम पुलिस ने एक आईपीएस अधिकारी को पुलिस की खुफिया जानकारी को लीक करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। सरकार ने उक्त अधिकारी को निलंबित कर दिया है। गिरफ्तार आईपीएस अधिकारी की पहचान सीआईडी के एसएसपी डा. राजामारठंडन के रूप में की गई है। अधिकारी से पुलिस के आला अधिकारी लगातार पूछताछ कर रहे हैं। उन पर निखिल भारत बंगालाली उदबस्तु समन्वय समिति (NBBUSS) के एक सदस्य को गोपनीय जानकारी उपलब्ध कराने के अलावा आरटीआई कानून का उल्लंघन करने और अपने वरिष्ठों को अंधेरे में रखने का आरोप है।





डा. राजामारठंडन उस विशेष जांच दल (SIT) के मुखिया थे जो 6 मार्च आल असम स्टूडेंट्स यूनियन (AASU) के सिल्पठार कार्यालय में तोड़फोड़ के मामले की जांच कर रहा था। डा. राजामारठंडन 2005 बैच के असम-मेघालय कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं।

मिली जानकारी के अनुसार ऊपरी असम के धेमाजी जिले के सिल्पठार कांड के मुख्य आरोपी सुबोध विश्वास को सीआईडी की खुफिया जानकारी मुहैया कराने का डा. राजामारठंडन पर आरोप लगाया गया है। पुलिस ने राजधानी के पानबाजार थाने में गुरुवार की दोपहर 3 बजे से पूछताछ शुरू की। लगभग 9 घंटे की पूछताछ के बाद आरोपी आईपीएस अधिकारी को लगभग रात 12 बजे के आसपास गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद अधिकारी की मेडिकल जांच कराई गई।

आईपीएस अधिकारी पर आरोप है कि उसने सिल्पठार कांड के मुख्य आरोपी सुबोध विश्वास के अधिवक्ता के नाम से सीआईडी विभाग में एक आरटीआई दाखिल की, आरटीआई का जवाब भी स्वयं डा. राजामारठंडन ने दिया। उल्लेखनीय है कि सिल्पठार कांड की सीआईडी जांच कर रही है।

सूत्रों ने दावा किया है कि सीआईडी की खुफिया जानकारी के बल पर सुबोध अपनी पैरवी कर न्यायालय से बचने की कोशिश में जुटा हुआ है। ऐसे में सरकार जहां आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए हरसंभव कोशिशों में जुटी हुई है, वहीं जांच करने वाले पुलिस अधिकारियों पर ही केस को कमजोर बनाने के आरोप लग रहे हैं।

ज्ञात हो कि गत 6 मार्च को सिलपथार में बांग्लादेशी शरणार्थियों को नागरिकता देने के लिए आयोजित रैली में सुबोध विश्वास पर असमिया विरोधी भाषण देने और अखिल असम छात्र संघ (आसू) के सिल्पठार कार्यालय पर तोड़फोड़ करने का आरोप है। इसको लेकर पूरे राज्य में भारी विरोध प्रदर्शन हुआ था। इस मामले को राज्यवासी अपनी अस्मिता के साथ जोड़कर देख रहे हैं। घटना के बाद से ही सुबोध विश्वास असम से फरार हो गया था, जिसे 22 मार्च को असम पुलिस ने पश्चिम बंगाल की पुलिस के सहयोग से पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के एक गांव से गिरफ्तार किया था।

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