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खुद को IPS अधिकरी बताना पड़ा महंगा, ऐसे खुली पोल !

विमल-भट्ट

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने एक फर्जी आईपीएस अफसर को गिरफ्तार किया है। आरोपी द्वारका थाने पहुंचा और खुद को आईपीएस अधिकारी बताते हुए मनी लॉड्रिंग केस में एक शख्स को थाने बुलाने के लिए दबाव बनाने लगा। पुलिस को शक हुआ और फर्जी आईपीएस की पोल खुल गई।





खुद को 2010 बैच का आईपीएस बताने वाले आरोपी का नाम विमल भट्ट (31) है। पुलिस के अनुसार, रविवार दोपहर विमल अपनी कार से द्वारका थाने पहुंचा था। उसने वहां तैनात पुलिसकर्मियों से कहा कि वह एक मनी लॉड्रिंग मामले की छानबीन के लिए आया है। उसने बताया कि वह सीजीओ कांप्लेक्स में तैनात है।

ऐसे हुआ संदेह !

पुलिस स्टेशन में मौजूद इंस्पेक्टर मुकेश कुमार से उसने संतोष कुमार नाम के शख्स को फोन कर थाने बुलाने का दबाव बनाया। उसके हावभाव देख इंस्पेक्टर को शक हुआ तो उसने जांच की। जांच में विमल की पोल खुलते देर ना लगी। मुकेश कुमार ने पाया कि विमल का एसीपी रैंक के अधिकारी वाला आई-कार्ड नकली है।

जालसाजी के मामले में रहा है शामिल

जांच में पाया गया कि आरोपी पहले भी फर्जी मार्कशीट और डिग्री बनाने के मामले में शामिल रहा है। पुलिस ने उसके खिलाफ विभिन्न धराओं में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। पुलिस को आरोपी की कार में वॉकी-टॉकी मिला। आरोपी ने कार पर पुलिस लिखवा रखा था और वह पुलिस के सायरन का भी इस्तेमाल करता था।

गौरतलब है कि जिस पुलिस स्टेशन में आरोपी खुद को आईपीएस अधिकारी बताकर पुलिसकर्मियों पर रौब झाड़ रहा था। इन दिनों यहां की एसएचओ के पद का दायित्व खुद एक महिला आईपीएस अफसर संभाल रही है।

साभार: आजतक

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