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कैसी होती है जिंदगी ? जब IPS से शादी करते हैं IAS अधिकारी

स्मिता सभरवाल

नई दिल्ली। अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे आईएएस और आईपीएस अधिकारी के आपस में विवाह करने का चलन वर्तमान में काफी बढ़ गया है। अलग-अलग क्षेत्रों में होने पर भी एक ही राज्य अथवा अलग-अलग राज्यों में भी उन्हें अपनी सेवाएं देनी होती हैं। हालांकि, उनके कामकाजी जीवन में कठिन चुनौतियां होती हैं। उन्हें पोस्टिंग के दौरान परिवार और खुद एक-दूसरे से दूर रहना होता है, लेकिन कहते हैं कि एक जब कोई अधिकारी सेवा में शामिल होता है, तो उसके लिए देश और समाज सर्वोपरि होता है। परिवार महत्वपूर्ण होता है, लेकिन उसकी ड्यूटी परिवार से पहले आती है। कई ऐसे उदाहरण भी हैं जो इस तरह की शादियों की मिसाल बने हैं। वहीं, कई बार प्रशासनिक जिम्मेदारियों और परिवार के बीच संतुलन न बना पाने के कारण कई शादियां टूट भी जाती हैं।





  • मुमकिन लेकिन चुनौतीपूर्ण

अधिकारी जब पति पत्नी के रूप में एक-दूसरे से दूर होते हैं, तो बहुत सी चीजों का त्याग करते हैं। जहां, ज्वाइंट फैमिली हैं वहां बच्चों की देखभाल थोड़ी आसान हो जाती है अन्यथा परिवार के सपोर्ट के बिना ये काफी चुनौतीपूर्ण है। हमारे देश में ऐसे कई कपल हैं, जिन्होंने बेहद उम्दा तरीके से देश को अपनी सेवाएं दी हैं और अपनी पारिवारिक जिम्मेदारी का भी बखूबी निर्वहन कर रहे हैं।

अर्चना रामसुंदरम Chief SSB

सशस्त्र सीमा बल की प्रमुख अर्चना रामासुंदरम

इनमें से एक उदाहरण सशस्त्र सीमा बल की प्रमुख अर्चना रामासुंदरम और उनके पति रामासुंदरम (आईएएस) हैं। राजस्थान में जन्मीं अर्चना तमिलनाडु कैडर से हैं, उन्होंने दक्षिण में तैनात तमिलभाषी आईएएस रामासुंदरम से शादी की। उनके दो बेटे हैं। अर्चना नई दिल्ली में रहती हैं और उनके पति चेन्नई में रहते हैं। उनकी ये शादी एक बड़ी चुनौती थी। आज वह एसएसबी की पहली महिला प्रमुख हैं, लेकिन उनके पति को उनके करियर पर गर्व है।

  • काम और परिवार के बीच संतुलन का नाम हैं स्मिता सभरवाल

ऐसा ही एक उदाहरण स्मिता सभरवाल का है। वह भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी हैं, जिन्हें तेलंगाना राज्य में किए गए कई सुधारों के लिए जाना जाता है। उनके प्रशासकीय कौशल ने तेलंगाना के लोगों की विभिन्न तरीकों से मदद की है। पश्चिमी बंगाल में पैदा हुई स्मिता ने एमकॉम पूरा होने के बाद सिविल सर्विसेज क्रेक की और चौथी रैंक हासिल की। जनता की अधिकारी कही जाने वाली स्मिता इस समय तेलंगाना के मुख्यमंत्री की विशेष सचिव हैं।

स्मिता सभरवाल IAS

स्मिता सभरवाल IAS तेलांगना, पति डॉ0 अकुन सभरवाल एक आईपीएस

अपनी प्रशासनिक सेवाओं के दौरान स्काईपे और एसएमएस का प्रयोग कर ‘अम्मा लालना’ कार्यक्रम चलाया। वर्ष 2012-2013 में करीमनगर जिले को प्रधानमंत्री के 20 बिंदु कार्यक्रम में सर्वश्रेष्ठ जिला चुना गया था, जो केवल स्मिता सभरवाल की प्रशासनिक क्षमताओं के बल पर ही संभव हुआ। स्मिता के पति डॉ0 अकुन सभरवाल आईपीएस अधिकारी हैं और उनके दो बच्चे हैं, लेकिन अपने काम, अपने बच्चों की देखरेख और पति-पत्नी के रिश्तों के बीच उन्होंने बेहतरीन संतुलन बनाए रखा है। वह कहती हैं, मैं अपने बच्चों नानक और भुविस की देखभाल करते हुए हमेशा समझदारी से काम और जिन्दगी के बीच संतुलन बैठाती हूँ, खासतौर से निजी जीवन के साथ प्रोफेशनल और सामाजिक जीवन का।

  • एक ही कैडर के लिए भी किया जा सकता है आवेदन
अंजुम आरा

आईएएस यूनुस खान डीसी कुल्लू हैं और उनकी पत्नी आईपीएस अंजुम आरा एसपी सोलन (हिमाचल प्रदेश)

यदि देखें, तो यदि एक अखिल भारतीय सेवा का अधिकारी किसी आईएएस या आईपीएस से शादी कर लेता है तो वे कैडर परिवर्तन के लिए आवेदन कर सकते हैं। उदाहरण के तौर पर देखें, तो यूनुस खान आईएएस कुल्लू (हिमाचल प्रदेश) के डीसी हैं और उनकी पत्नी आईपीएस अधिकारी अंजुम आरा एसपी सोलन (हिमाचल प्रदेश) हैं।

हाल ही में इस दंपत्ति ने कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर शहीद परमजीत सिंह की बेटी को गोद लिया है। इसी तरह एसपी चुरू राहुल बरहत आईपीएस हैं और उनकी पत्नी ममता बीकानेर में तैनात हैं। यदि शहर बड़ा है, तो दोनों को एक स्थान पर तैनात किया जा सकता है।

  • अधिकारी भी हो जाते हैं असफल

जाहिर है जब अधिकारी पर प्रशासनिक जिम्मेदारी होती है और उसे बड़े निर्णय लेने होते हैं समय कम होता है तो पारिवारिक रिश्ते प्रभावित होते हैं, क्योंकि बच्चों के पास वीकेंड्स पर पत्नी-पति एक साथ नहीं जा सकते अथवा मुख्यालय छोड़ने से पहले वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देना आवश्यक होता है। ऐसा नहीं है कि ये शादियां हमेशा ही सफल होती हैं। बस फर्क इतना है कि वर्तमान में वरिष्ठ अधिकारी अपनी ड्यूटी और अपने परिवार के बीच सामंजस्य बैठा पाते हैं तो बेहतर है अन्यथा जल्द ही शादी टूट भी जाती हैं। कहा जा सकता है कि संबंधों का रख-रखाव भी एक कला है और आम नागरिक ही नहीं वरिष्ठ अधिकारी भी उनमें असफल हो सकते हैं।

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