North-Central India

UP में हेड कांस्टेबलों को SI बनाने पर सरकार ले निर्णय

इलाहाबाद-हाईकोर्ट

इलाहाबाद। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने वरिष्ठता सूची के आधार पर 46 मुख्य आरक्षियों को पुलिस उप निरीक्षक पद पर प्रोन्नत किए जाने के मामले में राज्य सरकार को दो माह में निर्णय लेने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल ने इलाहाबाद के रामराज सिंह सहित 46 याचियों की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है। याचिका पर अधिवक्ता विजय गौतम ने बहस की।





याची का कहना है कि वे यातायात पुलिस एवं सशस्त्र पुलिस बल में तैनात हैं। इनकी प्रोन्नति 1989 से 2009 तक मुख्य आरक्षी पद पर पुलिस व सशस्त्र पुलिस में समायोजन कर की गई। 11 अगस्त 2016 को वरिष्ठता सूची जारी कर दी गयी। कुल 3,822 की वरिष्ठता 2013 बैच तक की बनी। इस सूची से याचियों को बाहर रखा गया, जबकि वे 2009 बैच के मुख्य आरक्षी हैं। वहीं याचीगण के बैच के कई मुख्य आरक्षियों को उपनिरीक्षक पद पर प्रोन्नति भी दे दी गई है। इसमें से ज्यादातर लोग याचीगण से सेवा में जूनियर हैं। कुछ प्रोन्नत मुख्य आरक्षियों को भी याचिका में पक्षकार बनाया गया है।

याची के अधिवक्ता विजय गौतम का कहना है कि यूपी उप निरीक्षक एवं निरीक्षक सिविल पुलिस सेवा नियमावली 2015 के नियम 17 (1) (A) के तहत याचीगण उपनिरीक्षक पद पर प्रोन्नति पाने के अधिकारी हैं। कोर्ट ने पुलिस महानिदेशक के नियमानुसार याचियों के प्रत्यावेदन को सकारण निर्णीत करने का निर्देश दिया है।

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