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दार्जिलिंग में भीड़ ने फूंका थाना, GJM का ऑफिस सील

दार्जिलिंग-हिंसा

नई दिल्ली। गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के प्रमुख बिमल गुरुंग के दार्जिलिंग स्थित घर पर आज पुलिस छापे के बाद उनके समर्थन भड़क गए। समर्थकों ने कलिमपोंग जिले के पेडोंग थाने में आग लगा दी। पटलाभास में गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (GJM-जीजेएम) का ऑफिस पुलिस ने सील कर दिया।





 बिमल-गुरुंग

गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के प्रमुख बिमल गुरुंग अपने समर्थकों के साथ (फाइल फोटो)

हालांकि गुरुंग उस समय अपने घर पर मौजूद नहीं थे, लेकिन पार्टी की कई महिला कार्यकर्ता वहां मौजूद थी। छापेमारी के दौरान पुलिस करीब आधे घंटे तक वहां मौजूद रही और छानबीन करती रही। पुलिस ने वहां से तीर-कमान, खुखरी, चाकू समेत कई हथियार बरामद किए गए। इस तरह के सामान मिलने पर जीजेएम नेता बिनय तमंग ने कहा कि इस प्रकार के तीर-कमान और चाकू हमारी परम्परा का हिस्सा हैं। हम लोग आदिवासी हैं इसलिए ऐसे हथियार हमारे पास हैं।

बरामद-हथियार

छापेमारी के दौरान तीर-कमान, खुखरी, चाकू समेत कई हथियार बरामद किए गए (फाइल फोटो)

 

इससे पहले दार्जिलिंग में चल रहे राजनीतिक संकट ने नया मोड़ ले लिया है जहां गोरखा राष्ट्रीय मुक्ति मोर्चा (जीएनएलएफ) ने आंदोलन में जीजेएम से हाथ मिलाने के बाद टीएमसी से गठबंधन तोड़ लिया है। पार्टी ने कहा कि वह गठन के बाद से ही गोरखालैंड के लिए लड़ रही है। गोरखा नेशनल लिबरेशन फ्रंट के साथ गठबंधन से उत्साहित गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के प्रमुख बिमल गुरुंग ने अलग गोरखालैंड के लिए आंदोलन को तेज करने की धमकी दी। वहीं सरकारी कार्यालयों और गोरखालैंड क्षेत्रीय प्रशासन के कार्यालयों में आज तीसरे दिन भी बंद रहा।

सुभाष घिसिंग के नेतृत्व में बने गोरखा राष्ट्रीय मुक्ति मोर्चा ने अस्सी के दशक में गोरखालैंड के लिए हिंसक आंदोलन की शुरूआत की थी जिसके बाद दार्जिलिंग गोरखा हिल काउंसिल का गठन किया गया था। गुरुंग जीएनएलएफ से अलग हो गए थे और 2007 में जीजेएम की स्थापना की थी और इसके बाद वह पहाड़ों में बड़ी ताकत के रूप में उभरे थे।

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