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FB ने तो फेस दिखाने लायक भी नहीं छोड़ा इस DSP को

डीएसपी अंजन बोरा गिरफ्तार

गुवाहाटी। असम की सत्ताधारी पार्टी भाजपा की एक विधायक को लेकर फेसबुक पर आपत्तिजनक पोस्ट करने वाले पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) को असम पुलिस की सीआईडी ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। डीएसपी अंजन बोरा के आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर राज्य में गत तीन दिनों से बवाल मचा हुआ था। अंत में असम पुलिस के आईजीपी (प्रशासन) प्रदीप शाले द्वारा दर्ज कराए गए एक मामले के आधार पर सीआईडी ने डीएसपी को गिरफ्तार कर लिया। वहीं असम सरकार के गृह विभाग ने डीएसपी को निलंबित कर दिया है। गिरफ्तारी के एक घंटे के बाद बोरा को जमानत दे दी गई। इस बीच rakshaknews.com ने जब अंजन बोरा का फेसबुक एकाउंट चेक किया तो पाया कि 2017 के सभी पोस्ट हटा दिए गए हैं।





डीएसपी अंजन बोरा गिरफ्तार

फुर्सत में : डीएसपी अंजन बोरा (फेसबुक वाल से)

उल्लेखनीय है कि डीएसपी अंजन बोरा ने विधायक का नाम लिए बिना फेसबुक पर बेहद आपत्तिजनक पोस्ट किया था। सूत्रों ने बताया कि डीएसपी अंजन के विरूद्ध दर्ज मामले के आधार पर सीआईडी के ने उन्हें उनका पक्ष रखने के लिए बुलाया और पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया। उनके खिलाफ IPC की धारा 166/177/506 और IT एक्ट की धारा 66/67 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

डीएसपी की गिरफ्तारी के बाद उसके राजधानी के गीतानगर स्थित आवास पर सीआईडी ने तलाशी अभियान चलाया, जहां से उसके लैपटाप और एक मोबाइल फोन को भी जब्त कर लिया। गिरफ्तारी के समय अंजन बोरा ने कहा कि उन्हें कोई डर नहीं है, क्योंकि उन्होंने जो कुछ भी लिखा है, उसके पुख्ता प्रमाण उनके पास मौजूद हैं। गिरफ्तारी के बाद उसने चिल्लाते हुए कहा, “मेरे पास सबूत हैं। दिसपुर में देह व्यापार बंद होना ही होगा। मेरा कोई कुछ भी नहीं बिगाड़ सकता। इसका जवाब गोलियों से दिया जाएगा।” सीआईडी के वाहन में चढ़ने से पहले बोरा ने पत्रकारों के समक्ष बीजेपी नेता तथा मंत्री रंजीत दत्त पर भी निशाना साधा, जिन्होंने बोरा को गिरफ्तार करने की मांग की थी। इस बीच बीजेपी के कई शीर्ष नेताओं का कहना है कि बोरा को मानसिक चिकित्सा की आवश्यकता है।

डीएसपी अंजन बोरा गिरफ्तार

फुर्सत में : ऐसे करते हैं डीएसपी अंजन बोरा अपनी ड्यूटी (फोटो फेसबुक वाल से)

भाजपा की एक विधायक पर लगाया वेश्यावृत्ति का आरोप

डीएसपी-अंजन-बोरा

DSP बोरा ने फेसबुक पर डाला आपत्तिजनक पोस्ट

उल्लेखनीय है कि निलंबित डीएसपी ने हाल ही में अपने फेसबुक एकाउंट से एक पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने लिखा था कि “असम सचिवालय (जनता भवन) में भाजपा की एक विधायक अपने आफिस के कमरे में अश्लील क्रिया-कलाप करती हैं। तीन घंटे के लिए वह एक लाख रुपये लेती है।” साथ ही लिखा है कि “वह चक्रवर्ती उपाधिधारी नहीं है।” अंत में जय श्री राम व जय हिंदुस्तानी का स्लोगन भी लिखा है। इस तरह से डीएसपी ने सीधे तौर पर एक विधायक को निशाने पर लिया है। इस पोस्ट को लेकर राज्य की राजनीति में जमकर बयानबाजी हो रही है। वहीं पोस्ट के सार्वजनिक होने के बाद मीडिया भी सरकार पर लगातार दबाव बना रहा था कि सरकार ऐसे बयानों के बाद अधिकारी के विरूद्ध क्यों नहीं कार्रवाई कर रही है। अंत में शनिवार को सीआईडी ने उसे गिरफ्तार कर लिया। हालांकि सरकार या भाजपा की ओर से इस संबंध में कोई बयान नहीं आया है।

राजनीतिक क्षेत्र में दबी जुबान में सभी ने इसे विधायकों की अवमानना मानते हुए कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं राजनीति के कुछ जानकारों का कहना है कि डीएसपी अंजन किसी के इशारे पर एक विधायक का चरित्रहनन करना चाहते हैं, ताकि वह मंत्रिमंडल में शामिल न हो पाएं। माना जा रहा है कि मंत्रिमंडल के विस्तार में संभवतः उक्त विधायक मंत्री बन सकती हैं।

पहले भी दे चुके हैं विवादित बयान

इसी साल फरवरी में अंजन ने फरवरी में मुसलिम समुदाय पर आपत्तिजनक पोस्ट में लिखा था कि अजान बंद होनी चाहिए। उन्होंने यह भी दावा किया था कि वह कांग्रेस के स्थानीय नेता रफीकुल इस्लाम सहित कई नेताओं की हत्या कर चुके हैं।

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