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व्हाट्सएप से SI परीक्षा पेपर लीक, अब तक आठ गिरफ्तार

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नई दिल्ली। पिछले साल आयोजित केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल और दिल्ली पुलिस में SI की परीक्षा के लिए एसएससी CPO का पेपर लीक मामले में अब तक आठ लोग गिरफ्तार किए गए हैं जबकि एक फरार है। आरोपियों में ज्यादातर बिहार के रहने वाले हैं। पटना निवासी राकेश ने प्रश्नपत्र व्हाट्सएप के जरिए लीक किया। पुलिस उसको तलाश रही है।





दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता और पुलिस उपायुक्त मधुर वर्मा के मुताबिक एसएससी के चेयरमैन आशिम खुराना ने दिल्ली पुलिस को एक चिट्ठी लिखकर पेपर लीक होने की जानकारी दी थी। इसके बाद उस समय क्राइम ब्रांच में तैनात रहे इन्स्पेक्टर संजीव यादव ने शिकायतकर्ता बनकर 1 अप्रैल 2016 को केस दर्ज किया था।

जांच के दौरान पता लगा कि किसी बिपिन कुमार नाम के शख्स ने ‘My Student of Uttam Nagar’ नाम के व्हाट्सएप ग्रुप से प्रश्नपत्र भेजा था। उससे पूछताछ की गई तो उसने बताया कि उसे यह पेपर सीवान के सोनू सिंह से मिला है। सोनू ने पूछताछ में मनीष कुमार तिवारी का नाम लिया।

बिहार में मनीष के घर पर छापेमारी की गई लेकिन वह वहाँ से भाग निकला। मनीष को 15 फरवरी को सीवान से गिरफ्तार किया गया जिसने बताया कि उसे यह पेपर तरवारा (सीवान) के किसी मनीष कुमार ने भेजा था। जब मनीष को गिरफ्तार किया गया तो उसने जान मोहम्मद के बारे में बताया, पेपर लीक मामले में उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया। उसने पूछताछ में राजा कुमार शर्मा, राजेश और शम्भू शरण के नाम लिए। इनमें से राजा और शम्भू को गिरफ्तार कर लिया गया। शम्भू ने नालंदा के विकासचन्द्र बोस का नाम लिया। विकास को 2014 में दिल्ली पुलिस कांस्टेबल के पेपर लीक मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है। उसने पटना के राकेश का नाम बताया। आरोपी राकेश अभी भी फरार चल रहा है।

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