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वरिष्ठता को लांघ कर बीके सिंह बनेंगे छत्तीसगढ़ के DGP

रायपुर: माओवादियों के खिलाफ कड़ी लड़ाई छेड़ने के साथ-साथ छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के नए पुलिस महानिदेशक (DGP-डीजीपी) की तलाश का काम तेज कर दिया है। मौजूदा पुलिस महानिदेशक एएन उपाध्याय को हटाने की चर्चा तेज हो गई है। कयास लगाए जा रहे हैं कि उनकी जगह बीके सिंह, गिरधारी नायक, डीएम अवस्थी में से किसी को राज्य का डीजीपी बनाया जाएगा। इन तीनों में बीके सिंह का नाम सबसे आगे चल रहा है। बीके सिंह फिलहाल दिल्ली में आईबी के ज्वाइंट डायरेक्टर हैं और वह 1987 बैच के आईपीएस अफसर हैं। खबर है कि लोक सुराज अभियान समाप्त होते ही सरकार नए डीजीपी के नाम पर मुहर लगा सकती है। बस्तर से नक्सलियों का सफाया करने के साथ ही अगले वर्ष होने वाले विधान सभा चुनाव को ध्यान में रखकर नए डीजीपी की नियुक्ति की जाएगी।





केन्द्र के अधिकारी नहीं खुश हैं मौजूदा डीजीपी की कार्यशैली से

सुकमा में पिछले दिनों 25 सीआरपीएफ जवानों की शहादत के बाद केन्द्र व राज्य सरकार बस्तर में सक्रिय माओवादियों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई की तैयारी में है। वर्तमान डीजीपी एएन उपाध्याय की कार्यशैली से केन्द्र के अधिकारी खुश नहीं है। उपाध्याय साफ सुथरी छवि के ईमानदार अधिकारी हैं। वह पिछले तीन साल से इस पद पर है। उनकी कार्यशैली आक्रामक नहीं है इसे उनकी कमजोरी माना जा रहा है। वह लो प्रोफाइल रहकर काम करने के आदी हैं। एएन उपाध्याय 1985 बैच के अफसर हैं और 2019 में सेवानिवृत्त होंगे।

आईपीएस बीके सिंह के बारे में

गिरधारी नायक व डीएम अवस्थी दोनों ही बीके सिंह से सीनियर हैं जिसके कारण उन्हें डीजीपी बनाने में दिक्कतें आएंगी। बीके सिंह को डीजीपी बनाया जाए इससे पहले दोनों वरिष्ठ अधिकारियों को पुलिस मुख्यालय में सम्मानजनक तरीके से पदस्थ करना होगा। उसके बाद ही बीके सिंह की नियुक्ति का मार्ग प्रशस्त होगा। बीके सिंह जोगी सरकार में डीआईजी इंटेलिजेस थे। केन्द्र के अलावा राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों से उनके अच्छे ताल्लुकात हैं। इसका फायदा उन्हें मिल सकता है। उनकी छवि भी साफ सुधरी है। उन्हें डीजीपी बनाने से सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि प्रदेश में उनसे दो वरिष्ठ अधिकारी हैं, इन्हें नजर अंदाज नहीं किया जा सकता है।

आईपीएस गिरधारी नायक के बारे में

गिरधारी नायक 1983 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। वह सबसे सीनियर हैं यदि उन्हें डीजीपी बनाया जाता है तो किसी को आपत्ति नहीं होगी। अन्य अधिकारी उनसे जूनियर हैं। नायक को बस्तर में काम करने का लंबा अनुभव है। वह बस्तर आईजी के अलावा नक्सल इंटेलिजेंस व एसआईबी के प्रमुख रह चुके हैं। वह काफी व तेज तर्रार व सख्त अधिकारी माने जाते हैं। उनके बारे में यह धारणा है कि वह किसी की नहीं सुनते इस कारण वह पिछली बार भी डीजीपी बनने से वंचित रह गए। इस बार भी उनके मार्ग में यही प्रमुख रोड़ा है। गिरधारीलाल नायक (डीजी होमगार्ड व जेल) 2019 में सेवानिवृत्त होंगे।

आईपीएस डीएम अवस्थी के बारे में

डीजीपी पद के लिए तीसरे दावेदार डीएम अवस्थी 1986 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। उनकी छवि भी साफ सुथरी है सरकार के पसंदीदा अधिकारियों में उनकी गिनती होती है। कई महत्वपूर्ण पदों पर काम करने का अनुभव है। डीएम अवस्थी (स्पेशल डीजी नक्सल ऑपरेशन) 2023 में सेवानिवृत्त होंगे।

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