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यह इंस्पेक्टर करोड़ों का मालिक, दर्जनों अफसर STF के रडार पर

इंदरजीत

जालंधर। एसटीएफ द्वारा गिरफ्तार किए गए इंस्पेक्टर इंदरजीत सिंह से मंगलवार कई घंटे पूछताछ की गई। इस दौरान इंदरजीत को लेकर एसटीएफ की टीम दोबारा फगवाड़ा पहुंची। इंदरजीत के बाद एक राजनेता से करीब आधा घंटा और कई अन्य के साथ मुलाकात करवाए जाने की चर्चा है। सीआईए स्टाफ फगवाड़ा के इंचार्ज रह चुके इंदरजीत सिंह से जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। वह पंजाब भर में सक्रिय अपने संपर्क सूत्रों के जरिए ड्रग तस्करों को गिफ्तार कर उनसे ड्रग्स की खेप बरामद करता था, वैसे ही वह आरोपी ड्रग तस्करों की मदद भी करता था।





इंदरजीत

इंदरजीत का सरकारी फ़्लैट

  • पुलिस केस के तहत पकड़े गए ड्रग्स तस्कर ट्रायल कोर्ट में इसलिए आसानी से रिहा हो गए कि पुलिस रैंक में आरोपी इंदरजीत सिंह हवलदार रहा है और वह ऐसे मामलों को रजिस्टर करने के लिए कॉम्पिटेंट अथॉरिटी नहीं था।

एसटीएफ के सूत्रों ने बताया कि जब उक्त आरोपी पुलिस अधिकारी के पुलिस ट्रैक रिकार्ड पर गहराई से जांच की गई तो यह तथ्य सामने आए कि जिला तरनतारन पुलिस द्वारा सन 2013 में ऑन रिकार्ड दर्ज हुए पुलिस केस के तहत पकड़े गए ड्रग्स तस्कर ट्रायल कोर्ट में इसलिए आसानी से रिहा हो गए कि पुलिस रैंक में आरोपी इंदरजीत सिंह हवलदार रहा है और वह ऐसे मामलों को रजिस्टर करने के लिए कॉम्पिटेंट अथॉरिटी नहीं था। इसी के साथ एसटीएफ ने यह भी देखा है कि आरोपी पुलिस अधिकारी के खिलाफ जहां पंजाब विजिलेंस द्वारा प्रोबेशन ऑफ करप्शन एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था, वहीं इसके नेटवर्क में ऐसे कई प्रभावशाली लोग शामिल थे, जिनके सहयोग से वह ड्रग तस्करों के लिए मददगार साबित होता था।

इंदरजीत के घर से ये मिला था

  • 9 एमएम की इटली मेड पिस्टल, एक एके 47, 32 बोर का एक रिवाल्वर, साढ़े 16 लाख की भारतीय करेंसी, 3550 पौंड, इनोवा कार, 12 बोर के 41 राउंड, 315 बोर के 43 राउंड, 32 बोर के 60 राउंड, 9 एमएम के 66 राउंड, .32 बोर के 33 राउंड, एके 47 के 115 राउंड, 7.62 के 125 राउंड। फगवाड़ा वाले दूसरे घर से 3 किलो स्मैक और चार किलो हेरोइन जब्त की गई।

करोड़ों की प्रापर्टी बनाई, कोठियां सील

इंदरजीतअमृतसर की आलीशान कोठी

  • अमृतसर में कई आलीशान कोठियां लेकिन STF की जानकारी में अभी सिर्फ एक
  • चाटीविंड में करोड़ों की कोठी जिसमें वह खुद रहता था
  • वह पंजाब भर में सक्रिय अपने संपर्क सूत्रों के जरिए ड्रग तस्करों को गिफ्तार कर उनसे ड्रग्स की खेप बरामद करता था, वैसे ही वह आरोपी ड्रग तस्करों की मदद भी करता था।

एसटीएफ की टीम द्वारा आरोपी इंस्पेक्टर इंदरजीत सिंह के फगवाड़ा पुलिस लाइन स्थित सरकारी क्वार्टर में मंगलवार तड़के की गई छापेमारी की सूचना किसी भी शीर्ष पुलिस अधिकारी को नहीं थी। फगवाड़ा में होने जा रही एसटीएफ की आमद की भनक एसएसपी कपूरथला संदीप शर्मा तक को नहीं लगने दी गई थी। सूत्रों ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि एसएसपी कपूरथला को भी एसटीएफ द्वारा फगवाड़ा पुलिस लाइन में आरोपी पुलिस इंस्पेक्टर इंदरजीत सिंह के क्वार्टर पर रेड के पश्चात ही सारे मामले की जानकारी मिल सकी है।

इंदरजीत

इंदरजीत (फाइल फोटो)

  • एसएसपी कपूरथला ने फगवाड़ा पुलिस के एसपी हरविन्द्र सिंह से रिपोर्ट तलब की है कि किस तरह पुलिस क्वार्टर में करोड़ों रुपए की हेरोइन व स्मैक की खेप सुरक्षित पड़ी रही

संदीप शर्मा ने इस सम्बंध में कहा कि वह इस मामले पर चर्चा नहीं करेंगे। उन्होंने अहम खुलासा करते हुए कहा कि उन्होंने फगवाड़ा पुलिस के एसपी हरविन्द्र सिंह से रिपोर्ट तलब की है कि किस तरह पुलिस क्वार्टर में करोड़ों रुपए की हेरोइन व स्मैक की खेप सुरक्षित पड़ी रही है। उधर सूत्र दावा कर रहे हैं कि अब उसके साथ बेहद सक्रिय रहे कुछ बड़े पुलिस अधिकारियों के नाम भी एसटीएफ की जांच में खुलने जा रहे हैं। चर्चा यही है कि एसटीएफ की जांच में आरोपी इंस्पेक्टर अपने पत्ते खोल देता है तो कई बड़े और बहुत बड़े रैंक के पुलिस अफसरों के लिए काफी मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं।

आरोपी इंदरजीत पंजाब पुलिस में कार्यरत कई सीनियर पुलिस अफसरों का बेहद चहेता अफसर है। यह भी एक कारण था कि उसके खिलाफ कोई पुलिस अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं होता था। इंदरजीत सिंह के कहने पर उसके सीनियर अफसर वैसा ही करते थे। सूत्रों से पता चला है इंदरजीत की गिरफ्तारी के बाद दर्जन भर पुलिस अधिकारी भी एसटीएफ के रडार पर आ गए हैं।

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