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पुलिस की आँख और कान बनने के लिए 1780 ने कराया रजिस्ट्रेशन

प्रहरी योजना

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस चौकीदारों/सुरक्षा गार्डों का रूप और रोल दोनों बदलने की कोशिश कर रही है। उनकी वर्दी बदली जा रही है और उनको ट्रेनिंग दी जा रही है। ये सब ‘प्रहरी’ नाम की उस योजना के तहत किया जा रहा है जिससे पुलिस को महानगरीय सुरक्षा व्यवस्था के मजबूत होने की उम्मीद है। दिलचस्प है कि इसमें महिलाओं की भी भागीदारी सुनिश्चित की गई है। चौकीदारों/सुरक्षा गार्डों को इस योजना का हिस्सा बनाकर उनमें न सिर्फ आत्मविश्वास जगाने की कोशिश की गई है बल्कि उनमें यह अहसास भी पैदा करने किया गया है कि वह सिस्टम के एक महत्वपूर्ण अंग हैं।





दिल्ली पुलिस

दिल्ली पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक ने दिल्ली में कानून और व्यवस्था को बनाए रखने और अपराध रोकने के लिए दक्षिण-पूर्व जिले में सामुदायिक पुलिस की योजना ‘प्रहरी’ की शुरूआत की।

सामुदायिक पुलिसिंग स्कीम के तहत दक्षिण-पूर्व जिले में शुक्रवार को यहाँ पुकिस आयुक्त अमूल्य पटनायक ने ‘प्रहरी’ योजना की शुरूआत की। इस योजना का मकसद चौकीदार और सुरक्षा रक्षक द्वारा किए गए कार्यों के महत्व को समझना है। इस कार्यक्रम में तकरीबन 1000 चौकीदारों/सुरक्षा गार्डों ने शिरकत की। दक्षिण-पश्चिम रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त आरपी उपाध्याय ने बताया कि अब तक 1780 चौकीदारों/सुरक्षा गार्डों को पंजीकृत किया जा चुका है।

प्रहरी योजना

प्रहरी को प्रमाणपत्र प्रदान करते अमूल्य पटनायक

इस मौके पर पुलिस आयुक्त ने एक पुस्तिका भी जारी की। इसमें प्रहरी के लिए उपयोगी सूचनाएं जैसे महत्वपूर्ण फोन नम्बर और विभिन्न परिस्थितियों में क्या करना है और क्या नहीं। आयुक्त ने इस मौके पर 12 प्रहरियों को प्रमाणपत्र और नकद इनाम भी दिए।

दक्षिण-पूर्व जिला में कई औद्योगिक इकाइयां/प्रतिष्ठान हैं और वे चौकीदार और सुरक्षा गार्ड को रोजगार देते हैं। ये चौकीदार पुलिस की आंख और कान की तरह काम करेंगे। इन चौकीदारों/सुरक्षा गार्डों को उचित प्रशिक्षण देकर पेशेवर बनाया जाएगा। इससे पुलिस-प्रहरी संवाद और सहयोग में मदद मिलेगी।

उद्देश्य

  • अपराध की रोकथाम के लिए ‘प्रहरी’ एक ऐसी पहल है जिसमें चौकीदार और सुरक्षा गार्ड्स जैसे कर्मियों को शामिल किया जाता है
  • ‘प्रहरी’ पुलिस की आंख और कान के रूप में कार्य करेगा
  • इससे पुलिस को अपराध को टालने, अपराधियों को पकड़ने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी
  • ‘प्रहरियों’ का सहयोग पुलिस को बड़े पैमाने पर जनता को बेहतर सेवाएं प्रदान करने में मदद करेगा
  • यदि ‘प्रहरी’ जागरूक है और लोगों को परेशान करने या परेशानी पैदा करने वालों के बारे में बीट अधिकारियों को सूचित करता है, तो उन्हें रिकार्ड में लाया जा सकता है
  • यह कार्यक्रम पुलिस और जनता के बीच संवाद बेहतर करेगा
  • इस पहल से ‘प्रहरी’ की कड़ी मेहनत को सामाजिक मान्यता दिलाने में भी मदद करेगा

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