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मुंबई: पुलिसकर्मी ने जान पर खेलकर आग से बचाई कई जिन्दगी, वायरल हुई फोटो

मुंबई। सुदर्शन शिवाजी शिंदे मुम्बई पुलिस का एक आम पुलिसकर्मी, लेकिन जब ड्यूटी निभाने की बात आए तो वह अपनी जान की बाजी लगाने से भी पीछे नहीं हटते। हाल ही में मुम्बई में कमला मिल्स हादसे के दौरान मुम्बई पुलिस के कॉन्स्टेबल सुदर्शन शिवाजी शिंदे ने  कुछ ऐसा किया है जिसकी जितनी भी तारीफें की जाएं कम हैं। शिंदे ने आग की लपटों से 8 लोगों की जान बचाई और तकरीबन 200 लोगों को सुरक्षित निकाला। मुंबई पुलिस के इस बहादुर कॉन्सटेबल की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं।





मुंबई के कमला मिल्स कॉम्प्लेक्स गुरुवार देर रात रूफटॉप पर स्थित एक पब में आग लगने से 14 लोगों की मौत हो गई। वहीं मुबंई पुलिस के कांस्‍टेबल शिंदे आठ लोगों की जिंदगी बचाने में कामयाब रहे और 200 लोगों को बाहर निकाला। इस बीच एक फोटोग्राफर ने कांस्‍टेबल सुदर्शन शिवाजी शिंदे एक फोटो खींची, जो वायरल हो गई है। इस तस्वीर में पुलिस कांस्‍टेबल अपने कंधों पर एक महिला को बचाकर ला रहे हैं।

मुंबई पुलिस आयुक्त ने भी की तारीफ

मुंबई पुलिस आयुक्त दत्तात्रेय पडसलगीकर और महापौर विश्वनाथ महादेववार ने सोमवार कांस्‍टेबल के प्रयासों की प्रशंसा की है ।यही नहीं, अभिनेता रितेश देशमुख और अभिनेत्री दीपिका पादुकोण ने भी अपने ट्वीटर हैंडल पर इस बहादुर कॉन्स्टेबल की तस्वीर शेयर की है।

खबरों के मुताबिक रात करीब साढ़े बारह बजे कांस्‍टेबल शिंदे को वायरलेस पर पब में आग लगने की सूचना मिली। जिसके बाद वह अपने साथियों के साथ घटनास्‍थल पर पहुंचे।  वहां लोग मदद के लिए चिल्‍ला रहे थे छत पर आग बहुत भयंकर थी। काफी दूर तक कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। फायरकर्मियों के साथ सीढ़ियों की मदद से कमला मिल्‍स की छत पर जाने का फैसला लिया। शिंदे फायर ब्रिगेड की मदद में जुट गए और ऐसे लोगों को बाहर निकाला जो धुएं के कारण बुरी हालत में थे।

शिंदे के मुताबिक ‘जब मैं ऊपर पहुंचा तो सब जगह धुंआ था सांस लेना और आंखें खुला रखना एक चुनौती थी  फायर टीम ने एक्जिट वाले दरवाजे को तोड़ा, ताकि आग पर काबू पाया जा सके। वहां वॉशरूम के पास कुछ महिलाएं बेहोश पड़ी थीं, जिन्हें हमने एक-एककर छत से नीचे उतारा। वहां से महिलाओं को ले जाने के लिए उनके पास कोई स्‍ट्रेचर नहीं था। इसलिए उन्‍होंने उन महिलाओं को कंधों पर उठाकर वहां से बाहर निकाला।

कांस्‍टेबल सुदर्शन शिवाजी शिंदे ने कहा कि यह अच्‍छी बात है कि साल के पहले दिन मेरी प्रशंसा की गई लेकिन मैं दुखी हूं कि 14 लोगों की जान नहीं बचाई जा सकी।

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