Listicles

…जब एक दिन के लिए नन्हें मुन्नों को मिले उनके सपनों के पद, जानें 6 बच्चों के बारे में

बैंगलुरू पुलिस ने आज 12 साल के शशांक को एक दिन का इंस्पेक्टर बना दिया। मंगलवार (24 जुलाई) को खाकी वर्दी में इंस्पेक्टर की कुर्सी पर बैठे शशांक इस नई भूमिका में बेहद खुश नजर आए। कोलार के शशांक थैलेसीमिया से पीड़ित हैं जो एक दुर्लभ बीमारी है। इस बीमारी में शरीर की हेमोग्लोबिन बनने की प्रक्रिया में गड़बड़ी हो जाती है जिसकी वजह से खून की कमी हो जाती है।





शशांक का बचपन से ही सपना था कि वह एक पुलिस ऑफिसर बने। इस सपने की जानकारी जब यहां के वीवी पुरम पुलिस इंस्पेक्टर जीडी राजू को मिली तो उन्होंने शशांक को आमंत्रित किया। शशांक मंगलवार को खुशी-खुशी थाने पहुंचे। यहां उनका स्वागत किया गया, केक काटा गया। शशांक ने एक दिन के इंस्पेक्टर का कार्यभार संभाला। ऐसे ही और कई उदाहरण पूरे देश के हैं जिसमें किसी को कमिश्नर बनाया गया तो किसी को पायलट।

आज हम आपको बता रहे हैं ऐसे ही कुछ बच्चों के बारे में जिन्हें एक दिन के लिए किसी बड़े पद की कुर्सी सौंपी गई हो :-

शशांक बने एक दिन के इंस्पेक्टर

शंशाक बने एक दिन के इंस्पेक्टर

Comments

Most Popular

To Top