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गरीबों की मददगार ‘स्मिता’ को मिलेगा राष्ट्रपति से सम्मान

स्वाति तांडी

फिल्मी जगत के स्टार्स और बड़ी सेलिब्रिटी के बीच एक ऐसी भी लड़की है जो किसी सेलिब्रिटी से कम नहीं है। इस लड़की के फेसबुक पर 7 लाख से ज्यादा लोग फॉलोवर्स हैं।

फिल्मी जगत के स्टार्स और बड़ी सेलिब्रिटी के बीच एक ऐसी भी लड़की है जो किसी सेलिब्रिटी से कम नहीं है। इस लड़की के फेसबुक पर 7 लाख से ज्यादा लोग फॉलोवर्स हैं। आप जानकर थोड़ा हैरान हो रहे होंगे, लेकिन यह सच है कि इस लड़की से ज्यादा छत्तीसगढ़ में केवल मुख्यमंत्री रमन सिंह के ही फॉलोवर्स हैं। छत्तीसगढ़ के दुर्ग में पदस्थ एक महिला कांस्टेबल स्मिता तांडी की। फेसबुक के जरिए लोगों की मदद करने की वजह से अब स्मिता को 8 मार्च को नारी शक्ति सम्मान से देश के राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी सम्मानित करेंगे।





जानिए स्मिता तांडी की पूरी कहानी

कांस्टेबल स्मिता के पिता पुलिस में ही थे। तबीयत ठीक नहीं रहने की वजह से उन्होंने समय से पहले ही रिटायरमेंट ले लिया था। साल 2013 में स्मिता के पिता की तबीयत अचानक बिगड़ गई। स्मिता उन दिनों पुलिस की ट्रेनिंग कर रही थीं। पैसों की तंगी की वजह से स्मिता के पिता शिव कुमार तांडी की मौत हो गई। गरीबी और पैसे की वजह से पिता की मौत ने स्मिता को अंदर से झकझोर कर रख दिया। स्मिता ने उसी समय ठान लिया कि अब वो गरीबों और जरूरतमंदों की मदत करेंगी। चूंकि स्मिता ऐसा आसानी से नहीं कर सकती थीं इसलिए उन्होंने जरिया बनाया फेसबुक को और फेसबुक के माध्यम से वो लोगों की मदद करने लगीं। स्मिता जरूरतमंदों की फोटो खींचकर फेसबुक में डाल देती हैं, जिसके बाद उनके फॉलोवर्स मदद के लिए आगे आते हैं।

स्वाति तांडी

छत्तीसगढ़ के दुर्ग में महिला कांस्टेबल के पद पर तैनात(फाइल फोटो)

कई बार सहयोगी उनपर तंज कसते हैं

स्मिता को फेसबुक पर कई बार लोग भला-बुरा भी लिख देते हैं लेकिन स्मिता उसका बुरा नहीं मानती। स्मिता का कहना है कि उन्हें इस बात से गर्व होता है कि वो जिस तरह से जरूरतमंदों और गरीबों की मदद कर रही हैं इसमें लोग उनका साथ दे रहे हैं। वह बताती हैं कि कई बार उनके स्टाफ के लोग उनपर तंज कसते हैं कि ड्यूटी छोड़कर वो फेसबुक में लगी रहती हैं लेकिन स्मिता हर बार लोगों को यह कहकर शांत कर देती हैं कि वो अपना निजी समय निकालकर लोगों की मदद करती हैं न की ड्यूटी के दौरान।

स्मिता के पास अब लोग अपनी समस्या लेकर पहुंचते हैं तो कई बार ऐसा होता है कि जिनकी मदद करना है उनके पास बैंक खाता तक नहीं होता। ऐसे में स्मिता पैसा देने वाले लोग के पास जाती हैं और पैसा लेकर जरूरतमंद तक पहुंचाती हैं। अब पैसा देने वाले लोग भी स्मिता पर पूरा भरोसा करने लगे हैं।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर सम्मान

स्मिता को यह यकीन ही नहीं हो पा रहा है कि उसे अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के दिन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी नारी शक्ति सम्मान देने वाले हैं। स्मिता कहती हैं यह उनके लिए गर्व का विषय है कि उनके काम को देश में सराहा जा रहा है। स्मिता काफी खुश हैं और उनका परिवार भी स्मिता के काम से बेहद खुश है।

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