BPRD

पुलिस अफसरों की बेहतर ट्रेनिंग के लिए IIT और IIM का साथ

पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों के प्रमुखों का 35वां सम्मेलन

पुडुचेरी: पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो (BPR&D) पुलिस अधिकारियों में बेहतर नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) और भारतीय प्रबंध संस्थानों (IIM) का सहयोग ले रहा है। इस नजरिए से उठाए गए कदम पुलिस अधिकारियों की बेसिक ट्रेनिंग और ई-लर्निंग के बीच की खाई पाटने में मददगार साबित हो रहे हैं, इसके अलावा देश भर के सेंट्रल डिटेक्टिव ट्रेनिंग इन्सीट्यूट (CDTS) भी पुलिस अधिकारियों की जांच पड़ताल की क्षमता बढ़ाने में खास भूमिका निभा रहे हैं। देश के पांच CDTS ने पिछले साल 200 कोर्स संचालित करके 4000 पुलिस अधिकारियों को प्रशिक्षित किया है। ये CDTS गाजियाबाद, चंडीगढ़, जयपुर, कोलकाता और हैदराबाद में हैं।





पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों के प्रमुखों के 35वें सम्मेलन में किरण बेदी ने दीं दिलचस्प जानकारियां

किरण बेदी

पुडुचेरी में चल रहे पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों के प्रमुखों के 35वें सम्मेलन में उप-राज्यपाल और देश की पहली महिला IPS अधिकारी डॉक्टर किरण बेदी

ये दिलचस्प जानकारियां पुडुचेरी में चल रहे पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों के प्रमुखों के 35वें सम्मेलन में पता चलीं। दो दिवसीय इस सम्मेलन का उद्घाटन उप-राज्यपाल और देश की पहली महिला IPS अधिकारी डॉक्टर किरण बेदी ने किया। उन्होंने पुलिस के कामकाज में ई-लर्निंग को बढ़ावा देने और इसकी अहमियत को समझने की बात कही। उन्होंने कहा कि ई लर्निंग केंद्र सरकार की डिजिटल इंडिया पहल का अभिन्न अंग है। ई-लर्निंग लागत, समय और दूरी में कटौती करता है। ट्रेनर को प्रशिक्षुओं को सिखाने के लिए पूरी तरह से प्रयास करना चाहिए क्योंकि प्रशिक्षक के तरीके पर प्रशिक्षण का नतीजा निर्भर करता है।

डॉ किरण बेदी ने कहा कि हर दिन एक प्रशिक्षण या सीखने का दिन है, चाहे वह जीवन हो या प्रोफेशन। उन्होंने कहा कि बीपीआरएंडडी और सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी पुलिस अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण के केंद्र हैं और प्रशिक्षण के सर्वोत्तम अभ्यासों को इनके बीच नियमित रूप से साझा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इन केन्द्रों को ई-लर्निंग के लिए सामग्री/सामग्री का स्रोत भी होना चाहिए। डॉ किरण बेदी ने कहा कि आईआईटी, आईआईएम और अन्य प्रबंध संस्थानों के बीच ऐसा सहयोग होना चाहिए जो प्रशिक्षण पर सहयोगी अनुसंधान कर सकते हैं और अच्छे प्रशिक्षण अभ्यासों का सुझाव दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि समाज में पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका है, जिससे भारत में रहने योग्य बेहतर जगह बन सकती है।

CDTS ने 200 पाठ्यक्रम चलाकर 4000 पुलिस अधिकारियों को प्रशिक्षित किया : डॉ एमसी बोरवंकर

पुडुचेरी में चल रहे पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों के प्रमुखों के 35वें सम्मेलन के दौरान उप-राज्यपाल और देश की पहली महिला IPS अधिकारी डॉक्टर किरण बेदी का स्वागत बीपीआरएंडडी की महानिदेशक डॉ एमसी बोरवंकर ने किया

बीपीआरएंडडी की महानिदेशक डॉ एमसी बोरवंकर ने कहा कि यह चाहे शैक्षणिक हो या पुलिस प्रशिक्षण, हमें प्रशिक्षुओं को सर्वश्रेष्ठ देकर मानव क्षमता का बेहतर उपयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इन राष्ट्रीय संगोष्ठी के दौरान पारित किए गए प्रस्तावों को चंडीगढ़, जयपुर, गाजियाबाद, कोलकाता और हैदराबाद में पांच केंद्रीय जासूसी प्रशिक्षण स्कूलों (CDTS) द्वारा स्वीकार किया जाता है, जो बीपीआरएंडडी के साथ सहयोग करते हैं और काम करते हैं।

उन्होंने कहा कि 2016 में CDTS ने 200 पाठ्यक्रम चलाकर 4000 पुलिस अधिकारियों को प्रशिक्षित किया है।उन्होंने कहा कि बीपीआरएंडडी पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व गुणों के विकास के लिए आईआईटी और आईआईएम जैसे उत्कृष्टता के संस्थानों के साथ सहयोग कर रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों के बुनियादी प्रशिक्षण में एक बड़ा अंतर है और इस अंतर को पाटने के लिए ई-लर्निंग एक महत्वपूर्ण उपकरण के रूप में कार्य कर सकता है।

पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों के प्रमुखों का 35वां सम्मेलन

पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों के प्रमुखों के 35वें सम्मेलन में मौजूद अधिकारी

इस सम्मेलन में पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों के प्रमुखों के अलावा केन्द्रीय गृह मंत्रालय, राज्य सरकारें, केंद्र शासित प्रदेशों के अतिथियों के साथ-साथ आईआईटी, आईआईएम और राष्ट्रीय विधि विद्यालयों के विशेषज्ञ व अधिकारी भी हिस्सा ले रहे हैं।

Comments

Most Popular

To Top