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सिख लड़की का चालान काटने पर भूचाल, पुलिस कमिश्नर का IG पर गंभीर आरोप

लुधियाना: यातायात पुलिस द्वारा एक सिख लड़की का चालान काटे जाने से पुलिस महकमे में विवाद खड़ा हो गया है। एक तरफ दो एएसआई को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी गई है तो दूसरी तरफ पुलिस आयुक्त कुंवर विजय प्रताप सिंह ने आईजी रैंक के एक अधिकारी पर पद से हटाने के लिए साजिश रचने का आरोप लगाया है।





‘आईजी रैंक के अफसर ने मुझे लुधियाना के सीपी पद से हटवाने के लिए साजिश रची’

नवनियुक्त पुलिस आयुक्त कुंवर विजय प्रताप सिंह ने मामले में खुलासे करते हुए एक नए विवाद को जन्म दे दिया है। कुंवर का आरोप है कि आईजी रैंक के एक अफसर ने मुझे लुधियाना के सीपी पद से हटवाने के लिए साजिश रची है। कथित रूप से इस प्लान के तहत यातायात पुलिस से सिख लड़की का चालान कटवाया गया और फिर मामले को मुख्यमंत्री कार्यालय और डीजीपी तक ले जाया गया।

‘एसपी रैंक के दो अफसर भी आईजी के साथ मिले हुए हैं’

कुंवर ने कहा कि लुधियाना से स्थानांतरित किए गए एसपी रैंक के दो अफसर भी मुझे लुधियाना से हटाने के लिए आईजी के साथ मिले हुए हैं। चालान काटने के आरोप में अनिवार्य सेवानिवृत्ति जिन्हें दी गई है, उनके नाम हैं एएसआई कुलविन्दर सिंह (48) और दविन्दर सिंह (55) जबकि हेड कांस्टेबल नीलकंठ (40) को भ्रष्टाचार के आरोप में सेवानिवृत्त किया गया है।

दरअसल, 16 मार्च को पद संभालने के बाद कुंवर ने एक आदेश जारी किया था जिसके तहत एक महीने तक ट्रैफिक पुलिस किसी का चालान नहीं काटेगी बल्कि यातायात नियमों के प्रति सद्भावपूर्ण माहौल बनाने के लिए उन्हें जागरूक करेगी। कुंवर ने समाचार पत्र ‘द ट्रिब्यून’ से बातचीत में कहा कि ‘मेरे आदेशों के बावजूद आईजी और दोनों एसपी की मिलीभगत से दोनों एएसआई ने घूमर मंडी नाके पर एक सिख लड़की का चालान काट दिया। बाद में यह दिखाने के लिए मामला जानबूझकर उच्च स्तर पर उठा दिया कि मैं सिखों के खिलाफ हूं।’

‘आईजी के कारण मेरी नियुक्ति का आदेश उलट दिया गया’

उन्होंने आरोप लगाया, ‘2014 में मुझे लुधियाना में बतौर पुलिस आयुक्त ज्वाइन करने को कहा गया। लेकिन आईजी के कारण मेरी नियुक्ति का आदेश उलट दिया गया। अब, वह मुझे फिर हटाना चाहते हैं। मैं डीजीपी को इस मामले से पहले ही अवगत करा चुका हूं। आने वाले दिनों में मैं उन्हें बेनकाब करूंगा।’

एएसआई कुलविंदर सिंह ने दावा किया है कि मैं एडीसीपी (ट्रैफिक) ध्रुव दहिया के निर्देश पर नाका पर लगाया गया था। लेकिन दहिया का कहना है कि मैंने सभी ट्रैफिक जवानों को बता दिया था कि एक माह तक वे किसी नाका पर नहीं रहेंगे।

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