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प्रदूषण से निबटने के लिए अब दिल्ली पुलिस के सभी जवानों को मिलेंगे मास्क

नई दिल्ली: दिल्ली में भयानक प्रदूषण से अपने जवानों और उनकी सेहत को बचाने के लिए दिल्ली पुलिस ने बड़ी पहल की है। उसने फील्ड ड्यूटी में तैनात अपने सभी कार्मिकों को मास्क मुहैया कराने की योजना बनाई है। इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस क्रम में दिल्ली पुलिस ने 15,000 नोज मास्क्स खरीदने के लिए टेंडर भी निकाला है। ये जवान दिन के 24 में से 12 घंटे प्रदूषण की मार सहते हैं। बता दें कि ट्रैफिक पुलिस के 5000 जवान और विभिन्न पीसीआर में तैनात करीब 8000 जवान हर समय सड़क पर तैनात रहते हैं।





ये मास्क सबसे पहले उन पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को दिए जाएंगे जो 24 घंटे दिल्ली की सड़कों पर पुलिस कंट्रोल रूम (पीसीआर) में तैनात रहते हैं। वर्तमान में यातायात पुलिस और कुछ पीसीआर पर तैनात दिल्ली पुलिस के कर्मचारियों को इसी तरह के प्रदूषणरोधी मास्क मुहैया कराए गए हैं। दिल्ली पुलिस के मुताबिक एक महीने के अन्दर सभी पुलिसकर्मियों को मास्क्स मुहैया करा दिए जाएंगे। सूत्रों के मुताबिक, दिसंबर 2016 में दिल्ली पुलिस की मास्क्स से जुड़ी बैठक भी हुई थी। बैठक में मास्क को यूनिफॉर्म का हिस्सा बनाने पर भी चर्चा हुई थी।

दिल्ली पुलिस एन99 मास्क्स खरीदने की कोशिश कर रही है। एन99 की धुलाई की जा सकती है और इसका निर्माण भारत सरकार से प्रमाणित कम्पनी करती है। दिल्ली पुलिस की मांग के अनुसार मास्क्स में कॉर्बन फिल्टर होना चाहिए और सांस लेने और छोड़ने के दो रास्ते होने चाहिए। ये मास्क्स को प्रत्येक 2 महीने में बदल दिए जाएंगे, अगर मास्क्स अच्छे रहते हैं तो उन्हें प्रदूषण के आधार पर बदला जाएगा।

पीसीआर पर तैनात एक पुलिस कर्मी ने बताया, ‘हम 8 घंटे ड्यूटी करते हैं। तीन अधिकारी मिलकर 24 घंटे ड्यूटी पर रहते हैं। हमारा काम फील्ड में रहता है। हमें अक्सर अपने स्वास्थ्य और सुरक्षा की चिंता रहती है। हममें से कुछ कर्मचारियों को दिसंबर में मास्क दे दिए गए थे। हमारे अधिकारियों ने हमें भरोसा दिलाया है कि वह जल्द ही सभी पुलिसकर्मियों को मास्क मुहैया कराएंगे।’

गौरतलब है कि दिल्ली में 2016 में प्रदूषण का स्तर सबसे ज्यादा था। आलम यह हो गया था कि कई दिनों तक दिल्ली में धुंध था और रास्ते भी नहीं दिखाई पड़ रहे थे। प्रदूषण पर नियंत्रण करने के लिए दिल्ली सरकार को कई कदम उठाने पड़े थे और कुछ कारखाने कुछ दिनों के लिए बंद करने पड़े। लगभग एक सप्ताह के बाद दिल्ली की सड़कों से धुंध हट सका था। दि ग्लोबर बर्डेन ऑफ डायसिसेस इस्टीमेट की रिपोर्ट के मुताबिक 2017 में प्रदूषण से मरने वालों की संख्या में भारत का दूसरा स्थान रहेगा।

नया मास्क

  • नए मास्क का फ़िल्टर अगर चोक हो जाता है तो इसे हटाया और बदला जा सकता है।
  • यातायात पुलिस की संयुक्त आयुक्त गरिमा भटनागर के मुताबिक़ ये मास्क एयर टाईट हैं और जवानों को समुचित सुरक्षा देते हैं।
  • चूंकि मास्क को धोया जा सकता है इसलिए ये लम्बी अवधि तक इस्तेमाल किए जा सकते हैं।

वायु प्रदूषण के प्रभाव

  • वायु प्रदूषण केवल मनुष्यों को ही नहीं बल्कि वनस्पतियों, जीव-जंतुओं, जलवायु, मौसम, ऐतिहासिक इमारतों और यहां तक की ओजोन परत को भी नुकसान पहुंचाता है।
  • वायु प्रदूषण के कारण मनुष्यों को दमा, गले का दर्द, निमोनिया, एम्फायसीमा, ब्रोंकाइटिस, सिरदर्द, उल्टी, फेफड़े का कैंसर, हृदय रोग, जुकाम, खांसी व आंखों में जलन आदि जैसी समस्या पैदा हो जाती है।
  • वायु प्रदूषण के कारण सूर्य के प्रकाश की मात्रा में कमी आती है जिससे पौधों की प्रकाश संश्लेषण की क्रिया प्रभावित होती है।
  • पिछले कुछ सालों में जिस तरह जलवायु परिवर्तन हुआ है उससे बाढ़ और सूखे की स्थिति पैदा हो गई है। यही नहीं मौसम पर भी वायु प्रदूषण का विपरीत प्रभाव पड़ा है।
  • कुछ रासायनिक गैसें वायुमण्डल में पहुँच कर वहाँ ओजोन मण्डल से क्रिया कर उसकी मात्रा को कम करती हैं।
  • ओजोन मण्डल अन्तरिक्ष से आने वाले हानिकारक विकरणों को अवशोषित करती है। हमारे लिए ओजोन मण्डल ढाल का काम करता है लेकिन जब ओजोन मण्डल की कमी होगी तब त्वचा कैंसर जैसे भयंकर रोग से ग्रस्त हो सकती है।
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार हर साल 2-4 लाख लोगों की मौत का कारण सीधे-सीधे वायु प्रदूषण है जबकि इनमें से 1-5 लाख लोग आंतरिक वायु प्रदूषण से मरते हैं।

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