North-Central India

एक ऐसा DGP जिसके पास महज तीन कमरे का एक फ़्लैट और थोड़ी सी खेती !

सुलखान सिंह

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के नये पुलिस महानिदेशक बने सुलखान सिंह के वाराणसी शहर से लखनऊ तक की यात्रा में ईमानदारी ही चर्चित रही है।​ जिसके परिणामस्वरूप अभी भी पुलिस विभाग के सर्वोच्च अधिकारी के पास अचल संपत्तियों के नाम पर केवल तीन कमरे का एक घर और खेती की थोड़ी सी जमीन है। लखनऊ स्थित अलकनंदा एपार्टमेंट में अपना घर उन्होंने लखनऊ डेवलपमेंट अथारिटी से किस्तों में लिया था।





बनारस में छात्रों पर नहीं होने दिया लाठीचार्ज

उत्तर प्रदेश पुलिस में वरिष्ठता के आधार पर मिली तैनाती में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी सुलखान सिंह को पुलिस महानिदेशक बनाया गया है। सन् 1983-84 में सुलखान सिंह को वाराणसी का एडिशनल एसपी बनाया गया था। वाराणसी में तैनाती के दौरान काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में छात्र आन्दोलन चरम पर था और उस वक्त सुलखान सिंह की कार्यशैली हर छात्र की जुबान पर थी। छात्र आंदोलनों में पुलिस वालों और छात्रों के बीच भी संघर्ष होता था, आईपीएस अधिकारी सुलखान सिंह किसी भी हाल में छात्रों पर लाठीचार्ज न होने देते थे और छात्रों को हिरासत में ले लेते रहे। वाराणसी में अपनी कार्यशैली के लिए पहचाने जाने वाले सुलखान सिंह को वहां से लखनऊ में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पद पर तैनात कर दिया गया। …और यहां से ही उनका लखनऊ स्थित पुलिस मुख्यालय आना जाना शुरू हो गया। सुलखान सिंह को लखनऊ के बाद 1997 के दौरान मिर्जापुर और इलाहाबाद का पुलिस उप महानिरीक्षक बनाया गया।

सुलखान सिंह

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भ्रष्टाचार के कई गंभीर मामलों की जांच की

उत्तर प्रदेश पुलिस के बेहद ईमानदार अधिकारियों में से एक सुलखान सिंह ने प्रदेश पुलिस में भ्रष्टाचार के कई गंभीर मामलों की जांच की। पुलिस मेडल और राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित सुलखान सिंह को आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर द्वारा आईपीएस व पीपीएस अफसरों के बार-बार होने वाले तबादलों में वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की जांच को लेकर की गई शिकायत की जांच भी सुलखान सिंह ही कर रहे थे।

1980 बैच के आईपीएस सुलखान सिंह की तैनाती कुछ समय तक पुलिस हेडक्वार्टर इलाहाबाद में एडीजी पद पर रही। वहां से फिर से उन्हें लखनऊ में लाया गया। मूल रूप से बांदा जिले के रहने वाले सुलखान सिंह के पास 2.3 एकड़ जमीन है जो उन्होंने बांदा के जोहरपुर गाँव में 40 हजार रुपयों में खरीदी थी और आज उस जमीन की कीमत केवल चार लाख रूपए ही है।

डीजीपी के रूप में पदभार संभालने के बाद क्या कहा

  • पुलिस बगैर किसी दबाव के अपना काम करेगी
  • कानून के साथ खिलवाड़ करने वालों के साथ सख्ती से निपटा जाएगा
  • शत प्रतिशत प्राथमिकी दर्ज की जाए यह भी पुलिस की शीर्ष प्राथमिकता
  • गोरक्षा के नाम पर किसी को भी गुण्डागर्दी करने छूट की नहीं दी जाएगी
  • एंटी रोमियो स्क्वायड का काम किसी की जांच करना नहीं बल्कि छेड़छाड़ करने वालों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई करना
  • पुलिसकर्मियों को साप्ताहिक अवकाश भी दिया जाएगा

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