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कश्मीर में अब पत्थरबाजों से निपटेंगी ये 1,000 महिला पुलिसकर्मी

महिला-पुलिसकर्मी

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में पत्थरबाजों से निपटने के लिए सरकार पुलिस विभाग में लगभग 1,000 महिलाएं भर्ती करेगी। ये महिलाएं पांच भारतीय रिजर्व बटालियन (आईआरबी-IRB) का हिस्सा होंगी। इसके लिए केंद्र सरकार ने पहले ही मंजूरी दे दी है। राज्य में पांच आईआरबी में 5000 पदों के लिए जम्मू और कश्मीर के 1,40,000 युवाओं ने आवेदन किया है। इनमें करीब 6 हजार आवेदक महिला हैं। पांचों आईआरबी में भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इन आवेदनों में से 40 फीसदी कश्मीर से हैं।





गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि महिलाओं की बटालियन मुख्य रूप से घाटी में पत्थर फेंकने जैसी घटनाओं से निबटेगी तथा कानून और व्यवस्था से जुड़े मामलों में लगाई जाएगी। अधिकारी ने बताया कि पुलिस बटालियनों में भर्ती के लिए युवाओं ने काफी उत्साह दिखाया है। इसका अंदाजा इसी से लगता है कि एक पद के लगभग 30 लोगों ने आवेदन किया है। इस मुद्दे पर कल गृह मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय बैठक में चर्चा की गई।

पत्थरबाज

कश्मीर के कुछ युवक सेना के जवानों पर अक्सर पत्थरबाजी करते रहते हैं (फाइल फोटो)

दरअसल, वह प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2015 में जम्मू-कश्मीर के लिए घोषित 80,000 करोड़ रुपये के विकास पैकेज की समीक्षा कर रहे थे।स्थानीय युवाओं को रोजगार मुहैया कराने के उद्देश्य से आईआरबी को तरजीह दी जा रही है। इसका उद्देश्य स्थानीय युवाओं को रोजगार देना है। आईआरबी की 60 फीसदी नई रिक्तियों को राज्य के सीमावर्ती जिलों से भरा जाएगा।प्रत्येक बटालियन की लागत लगभग 61 करोड़ है और इसमें से 75 प्रतिशत व्यय केंद्र सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।

आमतौर पर आईआरबी कर्मियों को अपने-अपने राज्यों में तैनात किया जाता है, लेकिन अगर आवश्यकता हो तो उन्हें अन्य राज्यों में भी तैनात किया जा सकता है। वर्तमान में विभिन्न राज्यों में 144 आईआरबी हैं। जम्मू-कश्मीर में पांच बटालियन के अलावा माओवादियों से प्रभावित राज्यों में 12 और आंध्र प्रदेश व तेलंगाना में चार-चार आईआरबी बटालियन हैं।

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