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हजारों नम आंखों ने दी शहीद विजय कुमार को अंतिम विदाई

फतेहपुर। शहीद विजय कुमार पांडेय का अंतिम संस्कार सोमवार सुबह कर दिया गया। हजारों नम आंखों ने शहीद विजय कुमार को अंतिम विदाई दी। शहीद की अंतिम यात्रा के दौरान लोगों में बेहद आक्रोश दिखा। पाकिस्तान के विरोध में लोगों ने नारे भी लगाए। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की 33 बटालयिन के जवान विजय कुमार पांडेय शनिवार को अखनूर सेक्टर में पाकिस्तानी की गोलीबारी में शहीद हो गए थे।





शहीद विजय कुमार फतेहपुर के चांदपुर थानाक्षेत्र के सठिगवां गांव के निवासी थे। रविवार देर रात शहीद का पार्थिव शरीर उनके गांव पहुंचा। शहीद के अंतिम दर्शन के लिए आसपास के गांवों से लोगों के आने का सिलसिला शुरू हो गया। क्या बच्चे क्या बड़े हर एक की आंख नम थी और पाकिस्तान के रवैये को लेकर हरेक दिल में गुस्सा था। सुबह अंतिम संस्कार से पहले शहीद विजय कुमार को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। उनके अंतिम संस्कार में केन्द्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति और राज्य सरकार के मंत्री तथा प्रशासन के अधिकारी मौजूद थे। शहीद की अंतिम यात्रा में शामिल हर व्यक्ति उन्हें कंधा देकर अपनी श्रद्धांजलि देना चाहता था।

शहनाई के सुरों की जगह गूंजा मातम का क्रंदन

विजय कुमार के घर में पिछले कई दिनों से शादी की तैयारियां चल रही थीं। कार्ड छप चुके थे। कुछ रिश्तेदारों को न्योते भेजे जा चुके थे और बहुत को कार्ड भेजे जाने थे। पर किसे पता था कि ऐसा हो जायेगा। पिता राजू पांडेय की शनिवार को चार बजे बेटे से बात हुई थी। पिता ने शादी की चर्चा की तो बेटे विजय कुमार ने उन्हें आश्वस्त किया कि वह 10 जून तक घर पहुंच जायेगा और आकर सारा काम संभाल लेगा। विजय की 20 जून को शादी थी और 15 तारीख को तिलक आने वाला था। विजय की शादी बुढ़वा गांव की वंदना से तय हुई थी। लेकिन विजय की शहादत की खबर से दोनों परिवारों में कोहराम मच गया। बेटे की शहादत की खबर सुनकर मां बेहोश हो गई। बाकी परिजनों का भी रो-रोकर बुरा हाल था।

विजय के परिवार में माता-पिता के अलावा एक भाई अजय पांडेय हैं। भाई अजय नगर निगम कानपुर में नौकरी करते हैं जबकि विजय कुमार कानपुर से स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद सीमा सुरक्षा बल में भर्ती हो गए।

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