BSF

बीएसएफ के ये हैं चार जांबाज शहीद

बीएसएफ जवान

नई दिल्ली। पाकिस्तान की नापाक हरकत, देश की सुरक्षा में तैनात और सरहद पर संघर्ष विराम नियम को आदर्श मानकर कर्तव्य पालन करते हुए बीएसएफ के इन चार जवानों ने राष्ट्र के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया है। जम्मू-कश्मीर में अंतर्राष्ट्रीय सीमा के पास गोला-बारी में इस साल सीमा सुरक्षा बल के 11 जवान शहीद हो चुके हैं। यह आंकड़ पिछले पांच वर्षों में सबसे ज्यादा है।





शहीदों में तीन राजस्थान और एक उत्तर प्रदेश से हैं-

शहीद असिस्टेंट कमांडेंट जितेंद्र सिंह: वर्ष 1984 में जन्में जितेंद्र सिंह राजस्थान के जयपुर के निवासी थे। वह साल 2011 में बीएसएफ की 62 बटालियन में शामिल हुए थे। उनके माता-पिता गत मंगलवार को ही जम्मू से जयपुर लौटे थे। शहीद जितेंद्र सिंह के परिवार में पत्नी और तीन साल का बेटा है।

जितेंद्र सिंह

शहीद सब-इंस्पेक्टर रजनीश कुमार: रजनीश कुमार का जन्म 1986 में हुआ था वह उत्तर प्रदेश के एटा जिले के निवासी थे। साल 2012 में वह सीमा सुरक्षा बल में शामिल हुए थे।

सब इंस्पेक्टर रजनीश सिंह

शहीद कांस्टेबल हंसराज गुर्जर: साल 1990 में जन्में कांस्टेबल हंसराज गुर्जर राजस्थान के अलवर के निवासी थे। वह सन् 2011 में इस सशस्त्र बल में शामिल हुए थे।

शहीद कांस्टेबल हंसराज गुर्जर

शहीद सहायक सब-इंस्पेक्टर रामनिवास: 52 वर्षीय रामनिवास राजस्थान के सीकर जिले के निवासी थे। वह साल 1988 में सीमा सुरक्षा बल में शामिल हुए थे।

शहीद सहायक सब-इंस्पेक्टर रामनिवास

 

Comments

Most Popular

To Top