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ये BSF जवान कभी रह चुका है ‘ब्लैक कैट कमांडो’ अब है सिक्योरिटी गार्ड

BSF जवान

रामपुर के एक बैंक के गेट पर तैनात सुरक्षा गार्ड बृजेश कुमार मिश्रा देखने में एक आम गार्ड नजर आते हैं लेकिन उनकी जिन्दगी देश सेवा की कहानियों से भरी है। छह फुट की हाईट वाले पूर्व BSF जवान बृजेश आज बन्दूक लेकर शांत खड़े रहते हैं लेकिन वह राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड यानी NSG के ब्लैक कैट कमांडो रह चुके हैं। आतंकियों को सबक सिखाने से लेकर गृहमंत्री की सुरक्षा में तैनात रह चुके बृजेश की कहानी देश के किसी जांबाज से कम नहीं है।
पीलीभीत बरेली में रहने वाले बृजेश ने वर्ष 1993 को बीएसएफ ज्वॉइन किया था और 21 जनवरी, 2017 को रिटायर हुए।





3 महीने रहे अंडर ग्राउंड

सटीक निशाना और चीते सी स्फूर्ति के कारण सन 1998 में बृजेश ब्लैक कैट कमांडो में शामिल हो गए। कुछ समय बाद कारगिल युद्ध छिड़ गया। एक दैनिक अखबार में प्रकाशित खबर के मुताबिक बृजेश की काबिलियत को देखते हुए उन्हें कारगिल युद्ध के दौरान बटालिक में तैनात किया गया। उन्हें 3 महीने तक अंडर ग्राउंड बंकर बना कर रहना पड़ा। सन 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान बृजेश ने दुश्मन देश के लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर अब्दुल गफ्फारा को ढेर कर दिया। वह कहते हैं, पहली गोली मैंने ही अब्दुल गफ्फारा के सीने में मारी थी।
दुश्मनों ने हैंड ग्रेनेड फेंका लेकिन उसके फटने से पहले ही बृजेश ने ग्रेनेड को वापस दुश्मनों पर फेंक दिया। जिसमें कई आतंकी मारे गए थे। सेना में रहने के दौरान लश्कर-ए-तैयबा कमांडर समेत 9 आतंकवादियों को मारा।

तत्कालीन गृह मंत्री की सुरक्षा में रहे तैनात

ब्लैक कैट कमांडो बनने के बाद बृजेश तत्कालीन होम मिनिस्टर लालकृष्ण आडवाणी की सिक्योरिटी में 1999 में भी रह चुके हैं। एक बेटी और एक बेटे के पिता बृजेश ने घर चलाने के लिए एक महीने पहले ही गार्ड की नौकरी शुरू की है।

Note: गूगल से ली गई जवान की फाइल फोटो है

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