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SSB ने हिजबुल के एरिया कमांडर को धर दबोचा

नई दिल्ली: सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की प्रथम वाहिनी ने आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के एरिया कमांडर को भारत-नेपाल सीमा से सटे महाराजगंज जिले में सोनौली बार्डर से गिरफ्तार किया। उसकी पहचान नसीर अहमद उर्फ सादिक (34) के रूप में हुई है। शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि वह पाकिस्तान से नेपाल के रास्ते भारत में घुसकर आतंकी घटनानाओं को अंजाम देना चाहता था।





सोनौली पोस्ट पर अपनी पहचान के लिए उपयुक्त दस्तावेज न सौंपने पर एसएसबी ने उसे गिरफ्तार कर लिया। नसीर अहमद के पास से पाकिस्तान का बना पासपोर्ट, पहचान पत्र, जिस पर गांव-लाल मूसा, तहसील-खेरान, जिला-गुजरात, राज्य-पंजाब, पाकिस्तान अंकित है, बरामद किया गया है।

शुरूआती पूछताछ में नसीर ने बताया कि अपने आका के कहने पर वह 1 मई 2017 को पाकिस्तान से काठमांडू पहुंचा और अपने एक सहयोगी मोहम्मद सफी, जो कि कुपवाड़ा का रहने वाला है, के साथ भारत में घुसना चाहता था। काठमांडू से यह दोनों अलग हो गए। नसीर को भारत में घुसने के क्रम में एसएसबी ने सीमा पर गिरफ्तार कर लिया।

नसीर अहमद

एसएसबी के मुताबिक, नसीर अहमद 2002 से कश्मीर के बनिहाल में हिजबुल मुजाहिदीन गुट का सक्रिय सदस्य था। 2003 में नसीर 23 अन्य युवकों के साथ हिजबुल के कहने पर पाकिस्तान चला गया। पाकिस्तान में नवंबर 2003 से जनवरी 2004 तक खैवर पख्तुन्ख्वा राज्य में हथियारों को चलाने की ट्रेनिंग ली। यह ट्रेनिंग हिजबुल मुजाहिदीन, आईएसआई और पाकिस्तानी सेना ने मिलकर दी। यह हर छोटे-बड़े हथियार चलाना जानता है। यह एके-47, एके-56, एसएलआर, रॉकेट लॉंचर ग्रेनेड फेंकने में निपुण है। नसीर ने पाकिस्तान के पंजाब में रहने वाली 25 वर्षीय युवती आशा नईम से 2 नवंबर 2009 को शादी कर ली। वह दो बच्चों का पिता है।

पाकिस्तान जाने से पहले इन मामलों में थी नसीर की तलाश

  • सितंबर 2002 में आतंकी नसीर ने मोहम्मद वानी निवासी बनिहाल, रामबन (जम्मू-कश्मीर) को अपने साथियों के साथ मिलकर मारा। वानी के ऊपर भारतीय सुरक्षा बलों को सूचना देने का शक था।
  • वर्ष 2002 के चुनावों की उस घटना में भी नसीर शामिल था जिसमें लैंड माइन ब्लास्ट में दो नागरिकों और दो जवानों की मौत हुई थी।
  • एसटीएफ कैम्प पर हमला करने वाले गिरोह में भी नसीर शामिल था। यह हमला रामसो रामबन (जम्मू-कश्मीर में था।
  • जुलाई 2002 में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ जोकि सुभाष बाग मुख्य राजमार्ग बनिहाल में हुई थी उसमें भी नसीर शामिल था। मुठभेड़ में नसीर को दो गोलियां भी लगी थी।
  • एसएसबी के मुताबिक नसीर ने माना है कि जुलाई 2002 में इसने 16 लोगों को छिपने की जगह दी थी और गुप्त तरीके से उनके गोला-बारूद को भी छिपाया। यह गुप्त स्थान लश्करवां, तहसील बनिहाल जिला-रामबन में था।

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