CRPF

आंतकी हमला नाकाम करने वाले CRPF के चार जवानों को बारी से पहले पदोन्नति

CRPF के चारों जवान
कश्मीर में सीआरपीएफ जवान (प्रतीकात्मक)

नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के चार जवानों को बारी से पहले पदोन्नत करने का फैसला लिया है। ये चार वो जवान हैं जिन्होंने अपने अदम्य साहस से पिछले वर्ष कश्मीर में CRPF शिविर पर फिदायीन हमले को नाकाम कर दिया था। उनके असाधारण साहस को देखते हुए केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने उन्हें अगली उच्च रैंक पर पदोन्नत करने का फैसला किया। जिन जवानों को पदोन्नत करने का फैसला किया गया है वे हेड कांस्टेबल ए.एस. कृष्ण, कांस्टेबल के. दिनेश राजा, प्रफुल्ल कुमार और जी. रघुनाथ उल्हास हैं। हेड कांस्टेबल ए.एस. कृष्ण, कांस्टेबल के. दिनेश राजा और प्रफुल्ल कुमार CRPF की 45 वीं बटालियन के जवान हैं जबकि जी. रघुनाथ उल्हास 23 वीं बटालियन में शामिल हैं।





पिछले वर्ष बांदीपुरा में CRPF शिविर पर आंतकी हमले को नाकाम करने में इन बहादुर जवानों ने असाधारण शौर्य का प्रदर्शन किया था। CRPF ने एक बयान में कहा है कि इन जवानों की सतर्कता ने  सिर्फ आतंकी हमला नाकाम किया बल्कि हथियारों से लैस छह आंतकवादियों को मौके पर ही मार गिराया। हेड कांस्टेबल ए.एस कृष्ण को पदोन्नत कर सहायक उपनिरीक्षक और कांस्टेबल कांस्टेबल के. दिनेश राजा, प्रफुल्ल कुमार और जी. रघुनाथ उल्हास को हेड कांस्टेबल बनाया जाएगा। एक विशेष कार्यक्रम में इन चारों को पदोन्नत किया जाएगा।

CRPF में 14 वर्ष के लंबे अंतराल के बाद बारी से पहले पदोन्नति देने का फैसला लिया गया है। सरकार ने कुछ कारणों से यह नीति बंद कर दी थी।

रक्षक न्यूज की राय:

भारत के गृह मंत्रालय का यह कदम सीआरपीएफ के जवानों का हौसला बढ़ाने वाला है जिसमें बल के जवानों को बारी से पहले पदोन्नाति दी गई है। 14 साल के अंतराल के बाद उठाया गया कदम समय-समय पर और सधे कदमों से आगे बढ़ेगा तो जवानों का जोश व जज़्बा किसी भी हमले को नाकाम करने में सफल होगा।

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