Forces

प्रकृति बनेंगी ITBP की पहली महिला कॉम्बैट ऑफिसर

प्रकृति राय

समस्तीपुर।  सेना हो या अर्धसैनिक बल हर क्षेत्र में महिलाओं ने अपना लोहा मनवाया है और अग्रणी रही हैं। अब, बिहार की प्रकृति राय भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की पहली महिला कॉम्बैट अधिकारी होने का दर्जा हासिल करने जा रही हैं। प्रकृति को पहली महिला असिस्टेंट कमांडेंट का दर्जा देने के बाद भारत-चीन सीमा से सटे नाथुला दर्रा जैसे दुर्गम स्थानों पर देश की सीमाओं की रक्षा करने का मौका मिलेगा। फिलहाल उनकी कड़ी ट्रेनिंग उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में चल रही है, जिसके बाद उन्हें सीमा पर भेजा जाएगा।





एक अखबार में छपी खबर के मुताबिक प्रकृति का चयन आईटीबीपी में पहली लड़ाकू अधिकारी के रूप में हुआ है। पहले ही प्रयास में उन्होंने यह मुकाम हासिल कर लिया। सरकार ने पहली बार आईटीबीपी में महिलाओं को कॉम्बैट ऑफिसर बनाने का निर्णय लिया तो प्रकृति के सपनों को पंख लग गए। उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग की केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल ऑफिसर भर्ती परीक्षा का फॉर्म भर दिया। पहली च्वाइस के रूप में आईटीबीपी का विकल्प चुना और सफलता के झंडे गाड़ दिए। अगले साल फरवरी में ट्रेनिंग खत्म होने के बाद उनकी आईटीबीपी में तैनाती हो जाएगी।

प्रकृति ने बताया कि ट्रेनिंग में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर एक सैनिक के रूप में सभी बारीकियां सीख रही हैं। सीमा पार के दुश्मनों के दांव का कैसे जवाब दिया जाए। साथ ही साथ खुद को सुरक्षित रखते हुए हथियार से लैस दुश्मनों से कैसे निपटें, कुछ इसी तरह के तमाम गुर सिखाए जा रहे हैं। प्रशिक्षण पाने वाले समूह में वह अकेली महिला अधिकारी हैं।

प्रकृति के पिता राम प्रकाश राय भारतीय वायुसेना में जेडब्ल्यूओ के पद पर कोलकाता में कार्यरत हैं। कहते हैं कि मेरी बेटी में देश सेवा की भावना जमकर भरी हुई है। उसके विचार और उत्साह पर नाज़ है।

प्रकृति की राह पर चलना चाहती हैं और भी युवतियां

असिस्टेंट कमांडेंट का दर्जा हासिल करने वाली प्रकृति को अपना आइडियल मानते हुए उन्हीं के क्षेत्र की युवतियां अब उनके ही नक्शे कदम पर चलना चाहती हैं। कई लड़कियों का मानना हैं कि जब सरकार ने लड़कियों को बेहतरीन मौका और माहौल मुहैया कराया है तो  भला वे पीछे क्यों रहें ?

रक्षक न्यूज की राय:

प्रकृति राय ने कामयाबी की यह इबारत अपनी सोच, लगन, मेहनत, जोश, देश-प्रेम की भावना की स्याही से लिखी है। वह अगले साल फरवरी में आईटीबीपी की प्रथम महिला कॉम्बैट अफसर बनकर लाखों युवतियों को तो प्रेरित करेंगी ही, वह यह भी साबित करेंगी कि महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों की तरह कार्य करने की क्षमता रखती हैं।

Comments

Most Popular

To Top